पन्ना जिले के इटवाकला गांव में तेज बारिश के दौरान पीपल के पेड़ के नीचे खड़े दो ग्रामीण आकाशीय बिजली की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है और हालत गंभीर बताई जा रही है।
पन्ना जिले के इटवाकला गांव में तेज बारिश के दौरान पीपल के पेड़ के नीचे खड़े दो ग्रामीण आकाशीय बिजली की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को जिला अस्पताल पन्ना में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है और हालत गंभीर बताई जा रही है।
उत्तराखंड में भारी बारिश और बादल फटने से गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग को भारी क्षति हुई है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से पैदल मार्ग पर रामबाड़ा में दो पुल और भीमबली में 25 मीटर रास्ता बह गया। इसके बाद केदारनाथ धाम की यात्रा को रोक दिया गया है। साथ ही यहां फंसे 25000 यात्रियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। 3300 यात्रियों को पैदल निकला गया जबकि 700 यात्रियों को हेलिकॉप्टर
हाल ही में उत्तराखंड के कई इलाकें भारी बारिश के चलते जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गए थे।अधिक बारिश के दौरान भूस्खलन की घटनाएं सामने बढ़ती हुई नजर आई। बीते शनिवार को टिहरी के तिनगढ़ गांव में एक बार फिर भूस्खलन हुआ था, जिसमें 15 आवासीय मकान मलबे में दब गए थे।
देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। गोवा-महाराष्ट्र से लेकर कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल भी बारिश से अछूता नही रहा है। मॉनसून ने अपनी अधिकता की दस्तक मुंबई में भी दे दी है । आईएमडी ने भारी बारिश को देखते हुए मुंबई मेंं अलर्ट जारी कर दिया है । मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में जोरदार बारिश हो रही है। मौसम विभाग की दी गई जानकारी के मुताबिक
मॉनसून के आगमन का इंतजार तो हर किसी को होता है। किसी के लिए मॉनसून का अनुभव अच्छा होता है तो किसी के लिए परेशानियों से भरा हुआ। इस साल गर्मी ने देश के कई हिस्सों में सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बारिश के बाद उमस भरी गर्मी ने लोगों को पसीने से तरबतर कर दिया है। कई जगहों में मॉनसून के कारण लोगों को पलायन करना पड़ रहा है।