श्री पटवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “अगर उस पत्र में लिखी गई बातें गलत हैं, तो सरकार को चाहिए कि वह बिना भेदभाव के हर उस व्यक्ति पर FIR दर्ज करे, जिसने उसे साझा किया है। लेकिन यदि उसमें सच्चाई है, तो उसे दबाने का प्रयास बंद किया जाए और देश की जनता के सामने पूरी पारदर्शिता के साथ तथ्य रखे जाएं।
