आठनेर सहित जिले में कई जगहों पर फसल हुई बर्बाद। मक्का के नुकसान से उबर नहीं पाए थे किसान कि गेहूं पर फिर प्रकृति का प्रहार। राहत और ऋण मोहलत की मांग तेज।
आठनेर सहित जिले में कई जगहों पर फसल हुई बर्बाद। मक्का के नुकसान से उबर नहीं पाए थे किसान कि गेहूं पर फिर प्रकृति का प्रहार। राहत और ऋण मोहलत की मांग तेज।
करीब आधे घंटे बाद वर्षा और तेज हवा आंधी ने खेतों में खड़ी व पकी हुई फसलों को नुकसान पहुंचाया। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई।