बुरहानपुर जिले की एक युवती को मृत मानकर महाराष्ट्र पुलिस ने उसके पिता और भाई को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया था। मामला तब पलट गया जब युवती जिंदा सामने आ गई और उसने अपने परिजनों को निर्दोष बताया। बिना पुख्ता पहचान और डीएनए जांच के कार्रवाई करने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अब मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई
