जनजातीय कला में झलकी परंपरा और प्रकृति का सम्मान, घोड़ाडोंगरी बना सांस्कृतिक चेतना का केंद्र।
जनजातीय कला में झलकी परंपरा और प्रकृति का सम्मान, घोड़ाडोंगरी बना सांस्कृतिक चेतना का केंद्र।
रामेश्वर धाम महाराज ने हिंदू राष्ट्र के विषय पर अपने विचार रखते हुए समाज में एकता, धर्म और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया।
इस संग्रहालय में प्राचीन भारत से लेकर आधुनिक भारत तक की गौरवशाली गाथाएं एक ही छत के नीचे देखने को मिलेंगी। सम्राट विक्रमादित्य के युग से लेकर स्वतंत्रता संग्राम तक के महान नायकों की कहानियां, इमर्सिव तकनीक और ओपन थिएटर के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत की जाएंगी।