बैठक का मकसद ग्रामीण संपर्क को मजबूत करना और मजरे-टोलों को मुख्य मार्गों से जोड़ना है।
बैठक का मकसद ग्रामीण संपर्क को मजबूत करना और मजरे-टोलों को मुख्य मार्गों से जोड़ना है।
जयभान सिंह पवैया ने आलोचना करने वालों को ‘बौद्धिक दरिद्र’ बताते हुए कहा कि सिंधिया उनके घर और गांव भी आ चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चाय पर मुलाकात हो जाए, तो क्या “पहाड़ टूट पड़ता है?”
नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि अगर जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेते तो पेयजल की समस्या सामने नहीं आती।