लालकृष्ण आडवाणी जिनकी ख्याति राम जन्मभूमि और रथ यात्रा से जुड़ी हुई है। जिन्होंने राम मंदिर के आंदोलन के लिए गोली खाना और जेल जाला स्वीकारा लेकिन झुकना नहीं सीखा अब 97 साल के हो रहे हैं। ये उन्हीं की सोच थी कि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम पीएम मोदी के हाथों संपन्न हो।
