आस्था का केंद्र बना अव्यवस्थाओं का प्रतीक: प्राचीन तालाब के विकास और सौंदर्यीकरण में भ्रष्टाचार का आरोप मान्यता थी कि श्रद्धालु पहले इस तालाब में स्नान कर जल ग्रहण करते थे और फिर माता के दर्शन करने जाते थे, जिससे विशेष पुण्य की प्राप्ति होती थी। लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।