मामले की गहन जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक जांच समिति का गठन किया गया है। समिति द्वारा यह जांच की जाएगी कि दूषित पानी की आपूर्ति कैसे हुई, इसमें किस स्तर पर चूक हुई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।
