Home उत्तराखंड मुस्लिम और अंग्रेजों के शासन में भी नहीं हुए ऐसे फैसले, साधु संत क्यों कर रहे सरकार के फैसले का विरोध ?

मुस्लिम और अंग्रेजों के शासन में भी नहीं हुए ऐसे फैसले, साधु संत क्यों कर रहे सरकार के फैसले का विरोध ?

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रिपोर्ट : मोहम्मद आबिद
हरिद्वार कुंभ मेले को लेकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा SOP जारी की गई थी मगर अभी राज्य सरकार ने कुंभ मेले का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है कुंभ मेले की अवधि को लेकर लगातार कयास लगाए जा रहे थे कि कुंभ कितने वक्त का होगा।

उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ने काफी देर के बाद साफ कर दिया है की महाकुंभ अब केवल 30 दिनों का होगा यानी की एक अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल तक महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। वहीं सरकार के इस फैसले का संत समाज विरोध कर रहा है संतो ने कहा कि सरकार की इच्छाशक्ति ही नहीं है कुंभ मेला कराने की योगी उत्तर प्रदेश में प्रयागराज और वृंदावन कुंभ हरिद्वार कुंभ से भव्य हो रहा है और उत्तराखंड शासन और मेला प्रशासन कुंभ को कैसे सीमित कर सकता है क्योंकि यह हिंदुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है।     

कुंभ मेले का नोटिफिकेशन जारी होने के बाद मुख्य सचिव ने अपना बयान भी जारी किया और कहा है की कुंभ मेले में अतिरिक्त ट्रेन और बसें नहीं चलाई जाएगी, सीमित कुंभ को लेकर संतों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है अखाड़ा परिषद के उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह शास्त्री का कहना है कि जब ट्रेनें ही नहीं चलाएंगे तो हरिद्वार श्रद्धालु कैसे आ पाएंगे।

अग्नि अखाड़े के सचिव महंत साधनानंद का कहना है कि प्रशासन अपनी तरीके से कुंभ तिथि की घोषणा करते हैं मगर पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाता है हम कुंभ मेला मना रहे हैं यह कुंभ मेला कोई कलंक ना बने कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की अंतर आत्मा ना दुखे इसको लेकर कार्य करना चाहिए, जब देश गुलाम था मुस्लिम शासन और अंग्रेजों के शासन में भी इस तरह पीड़ित नहीं किया गया इस तरह से कुठाराघात करने से समाज में अच्छा संदेश नहीं जाएगा।

 

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