जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के द्वारा 160 किलो की बात के हकीकत को सोनभद्र वासी नहीं पचा पा रहे हैं। देश की सर्वोच्च एजेंसी के ऊपर उंगलियां उठने लगी है। धरती जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के पहले के दावे को नकारते हुए वर्तमान के दावे को कैसे स्वीकार करे सोनभद्र वासी।
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के द्वारा जनपद के सोन पहाड़ी और हरदी कोटा समेत कई स्थानों पर अयस्क मिलने की जो पुष्टि की गई थी जिसके आधार पर 22 फरवरी को 7 सदस्य टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट केंद्रीय निदेशालय जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया को सौंपने के बाद आए बयान पर बड़ा सवाल खड़ा करता है । क्या जिन स्थानों को जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया ने अपने प्रपत्रों में साक्ष्य के रूप में दर्शाया है वह गलत है? दूसरी बात यूरेनियम समेत कई धातुओं के मिलने की जो पुष्टि प्रपत्रों में की गई है वह गलत है ?
जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया की टीम ने जो लगातार हवाई सर्वेक्षण करते हुए अपनी जांच रिपोर्ट केंद्रीय निदेशालय को सौंपी क्या वह गलत है? इस पूरे प्रकरण को साक्षी मानकर सोनभद्र के खनन अधिकारी के. के. राय द्वारा दिया गया बयान जो अयस्क मिलने की पुष्टि करने के बाबत है वह गलत है?
आपको बताते चलें कि जिन स्थानों पर अयस्क मिलने की जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया ने पुष्टि किया है उन सभी स्थानों पर लाखों श्रद्धालुओं के आस्था का केंद्र भी शामिल है जिस से इनकार नहीं किया जा सकता। सूत्रों की मानें तो उन सभी 7 सदस्य टीम को सोनभद्र से मुख्यमंत्री ने उनके साथ वार्ता करने के लिए लखनऊ बुला लिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार सोनभद्र जनपद के विंडम गंज थाना क्षेत्र के सोन पहाड़ी के बगल में किसान द्वारा जुताई करते समय बड़ी मात्रा में अष्टधातु की मूर्ति समेत कई बर्तन मिले थे जो कि विंढमगंज थाने के माल खाने में आज भी जब्ती में पड़ा हुआ है। वहीं, स्थानीय लोग जो इसके गवाह बन रहे हैं बाबा बंशीधर के मूर्ति जो नगर उंटारी में स्थापित की गई है उसका वजन 86 मन यानी 1548 किलो शुद्ध सोने की मूर्ति मिली थी और राधा जी की मूर्ति के उसी पहाड़ में दबे होने की बात स्थानीय लोग बताते हैं जो कि बंशीधर भगवान के आदम कद मूर्ति थी।
हालात जो भी हो मजबूरियां जो भी हो जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया समेत खान विभाग सोनभद्र पर बड़ा सवालिया निशान लग चुका है। यदि सच्चाई नहीं थी तो खान अधिकारी केके राय ने बयान कैसे दिया और जियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया वैज्ञानिकों की टीम ने जो पृष्ठभूमि तैयार किया क्या कोई साजिश या घोटाले की रणनीति है। जो कि पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।