{ सोनभद्र से विजय पांडेय की रिपोर्ट }
सोनभद्र कलेक्ट्रेट पर किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया किसानों का आरोप है कि अपना धान लेकर महीने भर से केंद्र पर खड़े रहने के बावजूद किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है, इतना ही नहीं मिलरों और बिचौलियों से धान खरीद कर क्रय केंद्र अपने लक्ष्य को पूरा दिखा रहे हैं।
जबकि जिन किसानों का एक से डेढ़ महीने पूर्व धान खरीद लिया गया है, ऐसे किसानों का भी अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। इन सभी समस्याओं को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया और प्रशासन को यह अल्टीमेटम भी दिया कि यदि प्रशासन के द्वारा त्वरित कार्यवाही नहीं की गई तो 24 फरवरी से वाराणसी शक्तिनगर मार्ग को जाम कर के किसान प्रदर्शन करेंगे, और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

वही प्रदर्शन में शामिल भारतीय किसान संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्र भूषण पांडेय ने बताया कि किसान काफी उग्र आंदोलित है क्योंकि खराब मौसम की वजह से धान की फसल खराब हुई किसानों का धान न खरीद कर क्रय केंद्र एजेंसियां बिचौलियों और मिलरो का धान खरीद रहे हैं और अपने लक्ष्य को पूरा दिखा रहे हैं। क्रय केंद्रों पर एक ही कांटा चलाया जा रहा है।
जबकि कागजों पर धान तौल ले लिए अधिक कांटे दिखाकर अधिक खरीददारी क्रय केंद्रों के द्वारा दिखाई जा रही है, और। इसके साथ ही प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्र भूषण पांडे ने यह मांग किया कि केंद्र पर पड़े धान को प्रशासन तत्काल खरीददारी कराएं नवंबर से अब तक खरीदे गए धान का तत्काल भुगतान किया जाए।
जिन किसानों का धान खरीद लिया गया है उन किसानों को तत्काल क्रय केंद्रों के द्वारा 6 आर (रसीद) दिया जाए इसके साथ ही उन्होंने यह भी मांग किया कि जिले के 10 बड़े धान खरीद मिलरो के मील का औचक चेकिंग किया जाए जिससे यह पता चल सके कि कितना धान किसानों से खरीदा गया है । 24 जनवरी से आज तक पीसीएफ, कर्मचारी कल्याण निगम, नेफेड जैसे धान खरीद एजेंसियों के पोर्टल बंद बताए जा रहे हैं जबकि खरीददारी भी लगातार हो रही है।
लेकिन यह खरीदारी किसानों की ना होकर बिचौलियों और मिलर के धान को एडजस्ट किया जा रहा है केवल जिले में एक ही धान खरीद केंद्र हॉट शाखा चल रहा है बाकी सभी के पोर्टल बंद बताए जा रहे हैं यदि इन सभी समस्याओं का प्रशासन शीघ्र निराकरण नहीं करता है तो 24 फरवरी को किसान वाराणसी शक्तिनगर मार्ग को जाम कर प्रदर्शन करेंगे और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।