रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव के नतीजे आ रहें हैं, गांव की सरकार बनाने के लिए लोग खुशियों के साथ बढ़-चढ़ कर मतदान में हिस्सी लिए थे। इसी का नतीजा है कि रविवार को गांव के लोग अपने-अपने प्रधान को जीतते हुए, तो वहीं कई लोग अपने प्रत्याशियों की हार को भी देखेंगे। पूरे प्रदेश में रविवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरु हुई, जो लगभग 5 बजते-बजते नतीजों में तब्दील होने लगी। कई जिले के परिणाम सामने आ भी गये। इन जिलों में कानपुर देहात, बलरामपुर और इटावा शामिल हैं, इसमें भी कई सीटों पर तो मुकाबला काफी कड़ा रहा है। वहीं चंदौली जिले में एक उम्मीदवार सिर्फ दो वोटों से प्रतिद्वंदी को हराने में कामयाब हुआ है।
चुनाव परिणाम में जीत हार के बीच लोगो को कोरोना गाइडलाइन का भी ख्याल रखना होगा। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी कोरोना गाइडलाइंस का पालन कराने के निर्देश राज्य में केवल कहने की बात ही सामने दिखी है। पालन करता कोई नहीं दिखा है। हालत ये था कि कई मतगणना केंद्रों पर तो भीड़ बिना मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किए ही इकट्ठा हो गई, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा है। आपको बता दें कि प्रयागराज के करछना और एटा समेत कुछ और जिलों में पुलिस को लाठी भी भांजना पड़ा है। इन सब के बीच प्रशासनिक अधिकारी नदारद दिखे।
हाथरस और जेवर में तो मतगणना केंद्रों पर कर्मचारी ही कोरोना पॉजिटिव निकल आए। मामले की जानकारी होते ही वहां हड़कंप मच गया। चौथे और अंतिम चरण में छिटपुट घटनाओं के बीच 17 जिलों में गुरुवार शाम पांच बजे तक औसतन 61 फीसद से अधिक वोट पड़े थे। सूबे के 75 जिलों में चार चरणों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मत डाले गए थे।
आइये जानते हैं कहां कैसे जीते उम्मीदवार और क्या रहे गाइडलाइन, पुलिस के इंतजाम
बात करें कानपुर नगर की तो यहां पंचायत चुनाव के नरवल ब्लॉक से पहला चुनाव परिणाम आ चुका है। यहां पर सेन पश्चिम पारा ग्राम पंचायत से किन्नर काजल किरण ने प्रधान पद पर जीत दर्ज की है। काजल इससे पहले नौबस्ता के पशुपति नगर वार्ड 48 से पार्षद रह चुकी है।
पूर्वांचल के विकास का केंद्र और पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पिंडरा ब्लॉक में मेनका पाठक सबसे कम उम्र की ग्राम प्रधान बनी हैं। मेनिका पाठक स्नातक तक पढ़ी हैं, इनकी उम्र 21 साल है। ओदार ग्राम सभा की ग्राम प्रधान मेनिका पाठक ने अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी अनिता को 124 मतों से हराया। मेनिका को 637 और अनिता को 513 मत मिले। RO देवब्रत यादव व BDO वीके जायसवाल ने प्रमाणपत्र दिया।
प्रयागराज में सोरांव ब्लॉक के करौंदी ग्रामसभा में तो परिणाम जारी करने के लिए अधाकारियों को टॉस कराकर परिणाम घोषित करना पड़ा। टॉस में जीते भुंवरलाल को विजयी घोषित कर ग्राम प्रधान का सर्टिफिकेट दिया गया। यहां राजबहादुर और भुंवरलाल दोनों को 170 मत मिले। इसके बाद RO सुरेश चंद्र यादव ने टॉस कराया। भुंवरलाल टॉस जीतकर करौंदी के प्रधान बन गए।
हाथरस जिले की सबसे हॉट सीट मानी जाने वाली जिला पंचायत के वार्ड नंबर 14 से पूर्व सांसद सीमा उपाध्याय करीब 2000 वोटों से प्रतिद्वंदी उम्मीदवार क्षमा शर्मा से आगे हैं। आपको बता दें कि इसी वार्ड से सीमा उपाध्याय की देवरानी ऋतु उपाध्याय तीसरे स्थान पर हैं। सीमा उपाध्याय मुरसान की मतगणना केंद्र पर मौजूद हैं। इसके अलावा मुरसान के मतगणना केंद्र पर पूर्व MLC मुकुल उपाध्याय भी मौजूद हैं।
पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले लगभग 700 से ज्यादा शिक्षकों ने कोरोना महामारी से अपनी जान गंवा दी है। वहीं मतगणना के दौरान भी कर्मचारियों का कोरोना पॉजिटिव मिलना लगातार जारी है। शामली में कांधला में 70 एजेंटों और कर्मचारियों की जांच में 3 कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जिसके बाद वहीं हडकंप मच गया। तीनों सक्रमितों को वहां से अलग किया गया। वहीं दूसरी ओर कोरोना केस बढ़ने के बावजूद तमाम कायदे कानूनों को ताक पर रखते हुए लोगों की भारी भीड़ मतगणना केंद्र पर जुटी हुई है। जबकि हाथरस के एक मतगणना केंद्र में चार कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव निकलने की खबर है। इसके बाद से ही यहां हड़कंप मचा है।

बात करें आगरा जिले की तो यहां पंचायत चुनाव के वोटों की गिनती जारी है। आगरा SSP ने बताया, “हर मतगणना स्थल पर 3 स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन की भी व्यवस्था की गई है। जो भी मतगणना केंद्र के अंदर और बाहर जा रहा है उसकी कोविड प्रोटोकॉल के तहत जांच हो रही है।”
कानपुर जिले के बिकरू में 25 साल के बाद प्रधान पद से गैंगस्टर विकास दुबे के परिवार का कब्जा हटा है। पिछली बार उनकी पत्नी यहां से प्रधान थीं। हालांकि, इस बार प्रधान का चुनाव मधु ने जीता। बता दें कि विकास दुबे को पिछले साल यूपी पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। उस पर बिकरू में ही पुलिसवालों की जान लेने का आरोप था।
उत्तर प्रदेश के दादरी स्थित अग्रसेन कॉलेज में भारी अव्यवस्था दिखी, बावजूद इसके यहां मतगणना जारी है। यहां कंट्रोल रूम भी नहीं बना है। पुलिस ने ही व्यवस्था संभाल रखी है। यहां बड़ी संख्या में लोग कोरोना प्रोटोकॉल के उल्लंघन में भी जुटे हैं, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की और मतगणना में नाक के नीचे मास्क लगाने वाले तीन एजेंट के एक-एक हजार के चालान किए गए।
उत्तर प्रदेश का सैफई पंचायत चुनाव में सबसे चर्चित रहा था। यह पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम परिवार का गढ़ माना जाता है, सैफई में ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवार रामफल वाल्मीकि पहले राउंड में 500 वोटों से आगे चल रहे हैं। वाल्मीकि को समाजवादी पार्टी का समर्थन मिला है। पिछले 50 साल से यहां प्रधान पद के लिए मतदान नहीं हुआ था। रामफल वाल्मीकि के अलावा एक अन्य महिला विनीता भी चुनाव मैदान में उतरी हैं।
रायबरेली, अंबेडकरनगर और बलरामपुर जिले में प्रधान पद का पहला परिणाम घोषित किया गया है। रायबरेली के पचखरा में प्रधान पद प्रत्याशी सीता देवी ने 702 मत पाकर जीत हासिल की है। वहीं बलरामपुर के रेहरा बाजार ब्लॉक के फिरोजपुर में प्रधान पद की प्रत्याशी तबस्सुम बानो 592 वोट पाकर चुनाव जीत गई हैं। अंबेडकरनगर के जलालपुर ब्लॉक के इंदलपुर ग्राम पंचायत में सुरेश कुमार चौहान 13 वोटों से विजयी घोषित किए गए हैं।
सबसे जद्दोजहद वाला चुनाव माने जाने वाले पंचायत चुनाव में एटा के शीतलपुर ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत मतगणना केंद्र सर्वोदय इंटर कालेज में दो प्रत्याशी आपस में ही भिड़ गए। वार्ड संख्या 16 पर प्रत्याशी पारुल देवी के अभिकर्ता वेदप्रकाश और ग्राम पंचायत चिंतापुर के प्रधान पद के प्रत्याशी निर्मल कुमार के बीच मतगणना टेबल के पास खड़े होने को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों में मारपीट शुरू हो गई। पुलिस ने दोनों प्रत्याशियों को बलपूर्वक नियंत्रित करते हुए हिरासत में लेकर थाना कोतवाली नगर पहुंचा दिया।
चंदौली जिले के चकिया ब्लाक के इसहुल गांव ओमप्रकाश सिंह नये प्रधान चुने गये। उन्होंने 470 मत पाकर निकटतम प्रतिद्वंदी चंदन (468) को दो वोट के अंतर से पराजित किया। यह काफी करीबी मुकाबला रहा।