विदिशा : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रक्षाबंधन के अवसर पर बहनों से राखी बंधवाने के बाद भावुक संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि बहनों द्वारा बांधा गया यह धागा स्नेह, प्रेम और आत्मीयता का प्रतीक है, और उनका संकल्प है कि बहनों के जीवन में कोई कठिनाई या तकलीफ न रहे। उन्होंने कहा कि बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना उनकी प्राथमिकता है। इस संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प का उल्लेख किया, जिसमें 3 करोड़ “लखपति दीदी” बनाने का लक्ष्य रखा गया था। उन्होंने बताया कि इस लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और अब तक लगभग 2 करोड़ महिलाएं आर्थिक रूप से इस श्रेणी में पहुंच चुकी हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने देशवासियों से एक महत्वपूर्ण अपील करते हुए कहा कि यह समय देश के लिए जीने का है। उन्होंने आग्रह किया कि सभी लोग अपने घर में उपयोग होने वाली वस्तुओं में स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें और केवल भारत में निर्मित चीजें ही खरीदें। उनका मानना है कि इससे देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि भारत के 144 करोड़ नागरिक एकजुट होकर यह संकल्प लें कि वे केवल देश में बनी वस्तुएं खरीदेंगे, तो देश को दुनिया में नंबर 1 बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने स्वदेशी अपनाने को सिर्फ आर्थिक मजबूती का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने बहनों की आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मानजनक जीवन के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे। साथ ही उन्होंने रक्षाबंधन को भाई-बहन के रिश्ते से आगे बढ़ाकर एक सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्व का प्रतीक बताया, जिसमें भाइयों का कर्तव्य है कि वे बहनों की सुरक्षा, सम्मान और प्रगति के लिए हर संभव प्रयास करें।