रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: अमरोहा के बावनखेड़ी हत्या कांड की मुख्य दोषी शबनम की हंसते हुए तस्वीर वायरल होने के बाद रामपुर जेल प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। आपको बता दें कि प्रशासन दो बंदी रक्षकों को निलंबित कर दिया है। वहीं शबनम को रामपुर जिला जेल से बरेली जिला जेल शिफ्ट कर दिया है।
24 फरवरी को न्यायाधीश ने शबनम की फांसी की तिथि पर फैसला टाला, तो शबनम का एक मुस्कुराता हुआ फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक यह तस्वीर फांसी टलने के बाद की है। मामला बढ़ता देख जेल प्रशासन ने जांच बिठा दी है।
इस मामले में जेल अधिक्षक पीडी सलौनिया ने बताया कि शबनम का मुस्कुराते हुए फोटो वायरल हुआ था, जिसकी जांच में पाया गया कि यह फोटो 26 जनवरी के कार्यक्रम में खींचा गया था। इसमें दो बंदी रक्षकों का नाम प्रकाश में आया, दोनों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं शबनम और आरती शर्मा को बरेली जिला जेल के लिए शिफ्ट किया गया है।
आपको बता दें कि शबनम ने 14 अप्रैल साल 2008 को प्यार के चक्कर में अपने माता-पिता समेंत परिवार के सात लोगों की निर्मम हत्या कर दी थी। जिससे इलाके में दहशत फैल गई थी। हत्या में दोषी पाये जाने के बाद शबनम और उसके प्रेमी सलीम को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। शबनम ने जिला अदालत के फैंसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में जिला आदालत के फैंसले को बरकरार रखा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट से मात खाने के बाद शबनम ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। सर्वोच्च न्यायालय ने भी जिला अदालत के फैंसले को बरकरार रखा। अदालत से मायूसी मिलने के बाद शबनम ने राष्ट्रपति के से दया याचिका की गुहार लगाई। राष्ट्रपति ने भी शबनम की याचिका को खारिज कर दिया। जिसके बाद प्रशासन शबनम की फांसी की तैयारी करने लगा। इसी बीच शबनम ने सूबे की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से दया की गुहार लगाई है। जिसके कारण शबनम की फांसी की तिथि पर फैसला नहीं आ पाया।