मध्यप्रदेश के अमलाहा में आयोजित राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय परामर्श एवं रणनीति सम्मेलन के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि भारत को दलहन और तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाना सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को हर क्षेत्र में नंबर वन बनाने की दिशा में यह मिशन एक निर्णायक कदम है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारत सरकार और अमेरिका के बीच हुए टैरिफ से जुड़े समझौते की सराहना करते हुए कहा कि यह निर्णय पूरी तरह किसानों के हित में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में लिया गया यह कदम भारतीय किसानों, विशेषकर मध्यप्रदेश के किसानों के हितों की सुरक्षा करता है। साथ ही इससे कृषि उत्पादों के निर्यात के नए अवसर भी खुलेंगे।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि मध्यप्रदेश आज देश में गेहूं, सोयाबीन, दालों और सब्जियों के उत्पादन में पहले या दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि यह किसानों की मेहनत, वैज्ञानिक खेती और सरकार की नीतियों का परिणाम है कि प्रदेश कृषि क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आधुनिक तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से “दाल समृद्धि” के संकल्प को पूरा किया जाएगा। उन्होंने सीहोर में आयोजित सम्मेलन में विभिन्न राज्यों से आए कृषि मंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के राष्ट्रीय संवाद से किसानों की आय बढ़ेगी और कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य के अंत में सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी और महाकाल बाबा से प्रदेश और देश के किसानों के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए आशीर्वाद मांगा। उन्होंने दोहराया कि मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के साथ मिलकर दलहन-तिलहन मिशन को पूरी ताकत से सफल बनाएगी।