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अफगान संकट पर विदेश मंत्री एस जयशंकर का बड़ा बयान, नाम लिए बगैर पाकिस्तान का खोला काला चिट्ठा

UNSC के बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगान संकट पर बड़ा बयान दिया है और पाकिस्तान का काला चिट्ठा खोल कर रख दिया। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ ऐसे देश है जो आतंकवाद की मदद कर रहे हैं, जिन्हें रोकना होगा। आतंकवाद के हर रूप की निंदा होनी चाहिए। उसका महिमामंडन नहीं होना चाहिए।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : UNSC के बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगान संकट पर बड़ा बयान दिया है और पाकिस्तान का काला चिट्ठा खोल कर रख दिया। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ ऐसे देश है जो आतंकवाद की मदद कर रहे हैं, जिन्हें रोकना होगा। आतंकवाद के हर रूप की निंदा होनी चाहिए। उसका महिमामंडन नहीं होना चाहिए।

अफगानिस्तान के मौजूदा हालातों पर चिंता जताते हुए जयशंकर ने यह भी कहा कि आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होना चाहिए। जयशंकर ने आगे कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत आगे भी पूरा सपोर्ट देने को तैयार है।

उन्होंने कहा कि भारत, आतंकवाद से संबंधित चुनौतियों और क्षति से अत्याधिक प्रभावित रहा है। दुनिया को आतंकवाद की बुराई से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। भारत मानता है कि आतंकवाद को किसी धर्म, राष्ट्रीयता, सभ्यता या जातीय समूह से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। आतंकवाद के सभी रूपों, अभिव्यक्तियों की निंदा की जानी चाहिए, इसे किसी भी तरह न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता।

 

उन्होंने कहा कि आईएसआईएस का वित्तीय संसाधन जुटाना और अधिक मजबूत हुआ है, हत्याओं का इनाम अब बिटकॉइन के रूप में भी दिया जा रहा है। विदेश मंत्री ने कहा कि व्यवस्थित ऑनलाइन प्रचार अभियानों के जरिए कमजोर युवाओं को कट्टरपंथी गतिविधियों में शामिल करना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।

जयशंकर ने कहा कि, ”हमारे पड़ोस में, आईएसआईएल-खोरासन (आईएसआईएल-के) अधिक ताकतवर हो गया है और लगातार अपने पांव पसारने की कोशिश कर रहा है। अफगानिस्तान में होने वाले घटनाक्रम ने स्वाभाविक रूप से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर वैश्विक चिंताओं को बढ़ा दिया है।”

उन्होंने कहा कि, ”चाहे वह अफगानिस्तान में हो या भारत के खिलाफ, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे समूह को श्रय मिला हुआ है और वे बेखौफ होकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।”

जयशंकर ने कहा कि, ”जब हम देखते हैं कि जिनके हाथ निर्दोष लोगों के खून से सने हैं उन्हें राजकीय आतिथ्य दिया जा रहा है, तो हमें उनके दोहरेपन को उजागर करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।”

आगे भारत पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए जयशंकर ने कहा कि, ‘भारत ने आतंकवाद को बहुत झेला है। 2008 मुंबई धमाका, 2016 पठानकोट एयरबेस हमला, 2019 पुलवामा हमला। लेकिन हमने आतंकवाद के साथ कभी समझौता नहीं किया।

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