राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शुक्रवार को दो दिवसीय प्रवास पर भोपाल पहुंच रहे हैं। संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर उनका यह दौरा विशेष महत्व रखता है। इस दौरान वे युवाओं, समाज के प्रमुख जनों तथा मातृशक्ति (महिला वर्ग) के साथ आयोजित चार महत्वपूर्ण बैठकों में प्रत्यक्ष संवाद करेंगे।
डॉ. मोहन भागवत की पहली बैठक 2 जनवरी की सुबह कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित होगी, जहां वे युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 31 जिलों से चयनित वे युवा शामिल होंगे, जिन्होंने शिक्षा, सेवा, सामाजिक कार्य, उद्योग और नवाचार के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। संवाद के दौरान राष्ट्र निर्माण, सामाजिक दायित्व और वर्तमान चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
युवा संवाद के पश्चात शाम को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत रवींद्र भवन स्थित हंस ध्वनि सभागार में आयोजित गोष्ठी कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस गोष्ठी में समाज की वर्तमान भूमिका, समकालीन परिस्थितियां तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के महत्व पर व्यापक चर्चा की जाएगी।
दो दिवसीय प्रवास के दौरान डॉ. भागवत संघ के विभिन्न वर्गों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। साथ ही समाज के प्रतिनिधियों और मातृशक्ति के साथ भी उनका संवाद प्रस्तावित है। इन बैठकों में संघ की विचारधारा, सामाजिक समरसता, राष्ट्रहित और समाज के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषय प्रमुख रूप से केंद्र में रहेंगे।
संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर डॉ. मोहन भागवत का यह भोपाल दौरा संगठनात्मक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और वैचारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस प्रवास के माध्यम से संघ द्वारा युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संवाद को और अधिक सशक्त करने का संदेश दिया जाएगा।