रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। पिछल कुछ समय से दिन की शुरुआत होते ही, कुछ न कुछ मनहूस खबर सुनने को मिल रहा है। गुरुवार को भी दिन की शुरुआत होते ही एक मनहूस खबर सामने आई है। कोरोना संक्रमित राष्ट्रीय लोकदल (RLD) प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बेटे अजीत सिंह का निधन हो गया।
आपको बता दें कि 82 साल के अजीत सिंह ने गुरुरम के एक नीज् अस्पताल में आखिरी सांस ली। पिछले कुछ दिनों से वो कोरोना संक्रमित थे। फेफड़े में कोरोना संक्रमण से फैलने से उन्हे निमोनिया भी हो गया था। दो दिन से उनकी हातल ज्यादा खराब थी। अजीत सिंह का पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी ज्यादा दबदबा था। वह जाटों के बड़े नेता माने जाते रहे हैं। वह कई बार केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं।
पिछले 2 लोकसभा चुनाव और 2 विधानसभा चुनाव के दौरान राष्ट्रीय लोकदल का ग्राफ तेजी से गिरा। यही वजह है कि वह अपने गढ़ बागपत से भी लोकसभा चुनाव हार गए। अजीत सिंह के सुपुत्र जयंत चौथरी भी मथुरा लोकसभा सीट से चुनाव हारे।
पंचायत चुनाव में जाटों के गढ़ बागपत में जिला पंचायत सदस्य पद पर रालोद ने 20 में से 07 वार्डों में जीत का झंडा फहराया है। वहीं, मेरठ में 6, शामली में रालोद को 5 सीटें मिली हैं। रालोद कार्यकर्ता इस जीत का जश्न मनाते, लेकिन पार्टी प्रमुख की तबीयत बिगड़ने से वे निराश हैं। इसके साथ ही मेरठ, शामली से लेकर अलीगढ़ और मथुरा तक में रालोद को जबरदस्त बढ़त और जीत मिली है। रालोद ने अन्य जिलों में सपा के साथ मिलकर जीत दर्ज की है।