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पाकिस्तानी महिला के गांव प्रधान बनाने के बाद हुआ खुलासा

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पाकिस्तानी महिला के गांव प्रधान बनाने के बाद हुआ खुलासा

उत्तर प्रदेश के एटा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसको सुनकर आप भी चौंक जाएंगे। दरअसल, यहां एक पाकिस्तानी महिला को गांव का प्रधान बना दिया गया। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ, जब गांव के एक ग्रामीण कुवैदान खान ने 10 दिसंबर को डीपीआरओ से महिला के पाकिस्तानी होने की शिकायत की।

शिकायत मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। तो वहीं, ग्राम प्रधान बनी महिला ने भी पद से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, अब जिला पंचायत राज अधिकारी ने इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव को महिला के खिलाफ FIR दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।

यह मामला एटा जिले के गुदारू गांव से सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से पाकिस्तान के कराची की रहने वाली बानो बेगम ने करीब 35 साल पहले गांव गुदारू के अख्तर अली से निकाह किया था। बानो बेगम तभी से भारत में लॉन्ग टर्म वीजा पर रह रही है। उन्हें अभी तक भी भारत की नागरिकता नहीं मिली है। बता दें कि साल 2015 में हुए पंचायत चुनाव में बानो बेगम ने चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कराई। वहीं इस साल 9 जनवरी 2020 को ग्राम प्रधान शहनाज बेगम का देहांत होने के बाद सियासी समीकरण के चलते बानो बेगम को सदस्यों ने कार्यवाहक प्रधान चुन लिया।

ग्राम प्रधान बनने के बाद ग्रामीण कुवैदान खान ने 10 दिसंबर को डीपीआरओ से बानो बेगम के पाकिस्तानी होने की शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिसके बाद डीपीआरओ ने पुलिस से महिला की जांच करवाई। तो वहीं, शिकायत की जानकारी होते ही बानो बेगम ने प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया।

इधर, जांच में उनके पाक नागरिक होने की शिकायतें सही पाई गईं। मामले में डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने मंगलवार को ग्राम पंचायत सचिव को बानो बेगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दिया है।

ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम प्रधान शहनाज बेगम की मौत के बाद संचालन समिति बनाई गई थी और बानो बेगम को ग्राम पंचायत सचिव ने बतौर अध्यक्ष पेश किया था। उस सचिव को भी इस ग्राम पंचायत क्षेत्र से हटा दिया गया है। जिला प्रशासन के मुताबिक, गुदाऊ की कार्यवाहक प्रधान बनी पाकिस्तानी मूल की बानो बेगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। उसके नाम से भारतीय अभिलेख बनवाने में सहयोग करने वालों का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।

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