नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक पर पाबंदी लगाने के बाद लक्ष्मी सहकारी बैंक लि. सोलापुर पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए हैं। केंद्रीय बैंक ने बैंक की खराब होती वित्तीय स्थिति के मद्देनजर यह कदम उठाया है। बैंक के ग्राहकों के लिए अपने खातों से निकासी की सीमा 1,000 रुपये तय की गई है। रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंकिंग नियमन अधिनियम, 1949 के तहत लगाए गए अंकुश 12 नवंबर, 2021 को कारोबार के घंटे बंद होने के बाद छह महीने तक लागू रहेंगे। इस दौरान अंकुशों की समीक्षा की जाएगी।
बता दें कि आरबीआई ने हाल ही में महाराष्ट्र के बाबाजी दाते महिला सहकारी बैंक पर पाबंदी लगाने का आदेश जारी किया था। केंद्रीय बैंक ने इन पाबंदियों के बाद बैंक के खाताधारकों को भी 5000 रुपए से अधिक की निकासी की छूट नहीं दी गई थी।
रिजर्व बैंक के निर्देशों के अनुसार, लक्ष्मी सहकारी बैंक केंद्रीय बैंक की अनुमति के बिना न तो कोई ऋण दे पाएगा या ही कर्ज का नवीकरण करेगा। साथ ही बैंक न तो कोई निवेश करेगा और न ही किसी तरह का भुगतान करेगा या भुगतान की सहमति देगा।
अब से पहले भी आरबीआई बैंकिंग अधिनियमों और गाइडलाइंस के उल्लघंन मामले में कई बैंकों पर नकेल कस चुका है। इससे पहले इसी साल फरवरी में महाराष्ट्र के नासिक स्थित इंडिपेन्डेन्स को-ऑपरेटिव बैंक लिमिडेट, यस बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक, पीएमसी समेत कई बैंकों पर भी इसी तरह से रोक लगाई गई थी।
दूसरी तरफ सार्वजनिक क्षेत्र के जम्मू-कश्मीर बैंक के तिमाही नतीजे आ गए हैं। इसका सितंबर में समाप्त दूसरी तिमाही का शुद्ध लाभ दोगुना से अधिक होकर 111.09 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 43.93 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।
शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बैंक ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 2,201.26 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले समान तिमाही में 2,194.47 करोड़ रुपये थी। तिमाही के दौरान बैंक का डूबे कर्ज और अन्य आकस्मिक खर्चों के लिए प्रावधान घटकर 192.68 करोड़ रुपये रह गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 324.92 करोड़ रुपये था।