रिपोर्ट: मोहम्मद आबिद
दिल्ली: दिल्ली से सटी सभी सीमाओं पर भारत सरकार के तीनों नये कृषि कानूनों के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है और किसानों को विरोध प्रदर्शन करते हुए दो महीने से ज्यादा का समय गुजर चुका है और अभी किसानों का प्रदर्शन जारी है।
26 जनवरी की घटना के बाद तीनों कृषि कानूनों को लेकर एक नए रूप में आंदोलन को देखा जा रहा है बतादें की पिछले दो महीने से जारी आंदोलन में भारतीय किसान यूनियन का नेतृत्व किसान नेता राकेश टिकैत कर रहे हैं।और प्रदेश के साथ दूसरे राज्यों में हो रही महापंचायतों में राकेश टिकैत हिस्सा ले रहे हैं और केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए कानूनों को वापस करने की मांग कर रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत को लेकर भारतीय जनता पार्टी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने विवादित बयान दिया है। और नंद किशोर गुर्जर ने कहा है की राकेश टिकैत उनसे बड़े किसान नहीं हैं और वे 2000 रुपये के लिए कहीं भी चले जाते हैं।
बीजेपी नेता ने कहा, “मैं खुद एक किसान हूं। राकेश टिकैत मुझसे बड़े किसान नहीं हैं। मेरे पास किसानी के लिए जितनी जमीन है, राकेश टिकैत के पास उसकी आधी जमीन भी नहीं होगी। राकेश टिकैत को माफी मांगनी चाहिए। आप देश में वो किसानों को नहीं बांट सकते। इतिहास उन्हें याद रखेगा।” नंद किशोर गुर्जर कहा कि ये कोई किसान आंदोलन नहीं है यह एक राजनीतिक एजेंडा है।
लोनी से बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर का यह बयान पहली बार नहीं आया है जो वो विवादित बयान दे रहे हैं बतादे की की राकेश टिकैत पर पहले भी कई बार विवादित बयान दे चुके हैं और पार्टी के अंदर उनके खिलाफ आवाज भी उठ चुकी है।