राजस्थान कांग्रेस के कद्दावर नेता और अशोक गहलोत सरकार में मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल का सोमवार देर शाम निधन हो गया। जानकारी के अनुसार, मेघवाल लंबे समय से बीमार चल रहे थे और उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे। इसके बाद सोमवार देर शाम मेघवाल ने मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली।
वहीं, मेघवाल के निधन के बाद सियासी जगत में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत तमाम दिग्गजों ने दिवंगत नेता को यादकर शोक प्रकट किया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर लिखा, ‘राजस्थान के कैबिनेट मंत्री, मास्टर भंवरलाल मेघवाल जी के निधन से दुखी हूं। वह एक अनुभवी नेता थे, जो राजस्थान की सेवा करने के बारे में भावुक थे। दुख की इस घड़ी में, उनके परिवार और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदना।’
Saddened by the demise of Rajasthan Cabinet Minister, Master Bhanwarlal Meghwal Ji. He was a veteran leader who was passionate about serving Rajasthan. In this hour of sadness, my condolences to his family and supporters: PM @narendramodi
— PMO India (@PMOIndia) November 16, 2020
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पांच बार विधायक रहे मेघवाल के निधन पर शोक जताया है। गहलोत ने ट्वीट किया, ‘’मंत्रिमंडलीय सहयोगी मास्टर भंवर लाल के निधन का गहरा दुख है। हम 1980 से साथ थे।’’
Deeply saddened at the passing away of my ministerial colleague Master Bhanwar Lal Meghwal ji after a prolonged illness. We have been together since 1980. My heartfelt condolences to his family members in this most difficult time, may God give them strength. May his soul RIP.
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) November 16, 2020
बता दें कि मास्टर भंवरलाल मेघवाल की पहचान कांग्रेस में बड़े दलित नेता के तौर पर होती थी। वह वर्तमान राजस्थान सरकार में न्याय एवं अधिकारिता, आपदा प्रबंधन मंत्री थे। चूरू के सुजानगढ़ से विधायक मेघवाल कांग्रेस सरकार में ही पूर्व शिक्षा मंत्री पद पर रह चुके हैं।
इधर, जलदाय एवं उर्जा मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री मास्टर भंवर लाल मेघवाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। डॉ कल्ला ने अपने संवेदना संदेश में कहा कि स्वर्गीय मेघवाल जमीन से जुड़े हुए कद्दावर राजनेता थे।
उन्होंने जीवन पर्यंत गरीब, कमजोर एवं पिछड़े वर्ग के हितों के लिए संघर्ष किया। राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री तथा संगठन में विभिन्न पदों पर सेवाएं देते हुए उन्होंने सदैव अपनी कर्मठता की छाप छोड़ी।
सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल के निधन के चलते 17 नवंबर को राजकीय अवकाश घोषित किया गया है। इस दौरान राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा। इससे कुछ दिन पहले ही उनकी पुत्री बनारसी मेघवाल का भी निधन हुआ था।