रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: यूपी में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर तैयार मसौदा राज्य विधि आयोग के चेयरमैन जस्टिस आदित्य मित्तल ने योगी सरकार को सौप दी है। सरकार की ओर से राज्य विधि आयोग को प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण कानून से संबंधित विधेयक का अंतिम मसौदा तैयार करने को दिया गया था। इसमें आम लोगो से भी राय मांग कर अंतिम रुप दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, योगी सरकार जनसंख्या नियंत्रण विधेयक को 17 अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा के मॉनसून सत्र में पेश कर सकती है। राज्य विधि आयोग द्वारा तैयार विधेयक के फाइनल मसौदे में भी दो से अधिक बच्चों के माता-पिता को स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने से रोकने समेत अन्य सुविधाओं से वंचित रखने की सिफारिश की गई है।
इतना ही नहीं मसौदे में वन चाइल्ड पॉलिसी को प्रोत्साहन देने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही विधि आयोग की तरफ से 260 पन्नों की तैयार की गई इस रिपोर्ट में विभिन्न वर्गो की तरफ से आए सुझावों को शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट में मान्य और अमान्य प्रस्तावों को रखते हुए उनकी विधिक स्थिती स्पष्ट की गई है।
राज्य विधि आयोग के चेयरमैन आदित्य मित्तल ने कहा है कि राज्य विधि आयोग ने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर अपनी रिपोर्ट 15 दिन पहले तैयार कर ली थी। लेकिन मुख्यमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम की वजह से रिपोर्ट अब तक सौंपी नहीं जा सकी थी। सोमवार को सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री के निजी सचिव को सौंप दी गई है।
अब सौपी गई रिपोर्ट पर आगे फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लेंगे। इस मसौदे को तैयार करने में खास बात यह रही कि विधि आयोग की तरफ से प्रयास किया गया है कि जनभागीदारी के जरिये ही मसौदा तैयार हो। लिहाजा लोगों के सुझाव को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट तैयार की गयी है। अगर इसमें कुछ बदलाव करने होंगे तो सीएम योगी इस बारे में फैसला लेंगे।
आपको बता दें कि CM योगी ने 11 जुलाई को नई जनसंख्या 2021-30 नीति लागू की है। इस जनसंख्या नीति के तहत सरकार ने साल 2026 तक महिलाओं द्वारा सूचित व स्व निर्णय के माध्यम से सकल प्रजनन दर को 2.1 और वर्ष 2030 तक इसे 1.9 पर लाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
CM योगी ने कहा था कि जनसंख्या को स्थिर करने के प्रभावी प्रयास करते हुए हमें यह ध्यान भी रखना होगा कि इससे देश में विभिन्न समुदायों की आबादी के बीच संतुलन न बिगड़े। उन्होंने नई जनसंख्या नीति में सरकार ने आबादी को नियंत्रित करने के लिए नया कानून बनाने का इरादा भी जताया था। जिसका मसौदा अब CM योगी से समक्ष पेश किया गया है।