मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं और आने वाले समय में देश की बागडोर इन्हीं के हाथों में होगी। इसलिए जरूरी है कि विद्यार्थी अपने कौशल, ज्ञान और प्रदर्शन में निरंतर सुधार करते हुए खुद को निखारें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परीक्षा की तैयारी पूरी मेहनत और लगन से करें, लेकिन किसी भी प्रकार का तनाव अपने ऊपर हावी न होने दें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि परीक्षा हमारे जीवन का केवल एक पड़ाव है, न कि अंतिम लक्ष्य। मेहनत को आदत बनाइए, लेकिन तनाव से दूरी बनाए रखिए। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि आत्मविश्वास, अनुशासन और संतुलित दिनचर्या ही परीक्षा में सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। डरकर पीछे हटने के बजाय डटकर आगे बढ़ना ही सफलता का मार्ग है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सोमवार को शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं से पहले आयोजित “परीक्षा पर संवाद-2026” कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी के लिए मार्गदर्शन दिया और उनसे सीधे संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को ध्यानपूर्वक सुना।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से अपील की कि परीक्षा के समय तनाव से दूर रहते हुए निरंतर मेहनत करें और जितना हो सके अच्छे अंक लाने का प्रयास करें। उन्होंने समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और हर परिस्थिति में खुद पर विश्वास बनाए रखने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि असफलता से घबराने की बजाय उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही एक मजबूत और सशक्त व्यक्तित्व की पहचान है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़कर अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि परीक्षा के समय पर्याप्त नींद लें और पढ़ाई के लिए एक व्यवस्थित शेड्यूल बनाएं। किसी विषय का अध्ययन करने के बाद उस पर चिंतन-मनन की आदत डालें। उन्होंने कहा कि केवल अक्षर ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि मित्रों और शिक्षकों के साथ विषयों पर चर्चा करने से समझ और अधिक गहरी होती है।
संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी खुलकर अपने विचार रखे। छात्र आदित्य ने कहा कि नियमित तैयारी से परीक्षा का डर खत्म हो जाता है और सिलेबस को भागों में बांटकर रिवीजन करना चाहिए। छात्रा सरस्वती ने कहा कि परीक्षा देते समय आत्मविश्वास जरूरी है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी परीक्षा को उत्सव की तरह लेने की बात कहते हैं। छात्रा तान्या दुबे ने बताया कि वे हमेशा आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश करती हैं। वहीं छात्र हिमांशु ने कहा कि वह पेपर में सबसे पहले वही प्रश्न हल करते हैं, जिन पर उनकी पकड़ मजबूत होती है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अपने बीच पाकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने एक गुरु, शिक्षक, अभिभावक और मनोविज्ञान विशेषज्ञ की तरह विद्यार्थियों के मन की बात समझी और उनके सभी प्रश्नों का सहजता से समाधान किया। इस आत्मीय संवाद से विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले मानसिक संबल और सकारात्मक ऊर्जा मिली।
स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा हर वर्ष एक चुनौती होती है, जिसे सही समय प्रबंधन और तैयारी से आसानी से पार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निरंतर विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझते हैं और समाधान का प्रयास करते हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, सुभाष स्कूल के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।