कोरोना संकट के कारण एक तरफ देश में इक्कीस दिन का लॉकडाउन है, वहीं प्रदेश के ऐसे कई जिले है जहां स्वाथ्य विभाग और सरकार की नीदें उड़ी हुई है और इसका सबसे बड़ा कारण है बाहर से आये हुए लोग। दरअसल दिल्ली और बाकी के कई राज्यों में काम करने गए यूपी के मजदुर लॉकडाउन के बाद से ही अपने घरों की और पलायन कर गए है।
अब ऐसे में जनपद प्रयागराज में भी हज़ारों की संख्या में लोग आ रहे है, वही ऊपर से आर्डर है की जो भी जनपद में आएगा उसे 14 दिन तक एकांतवास में रखा जाएगा ऐसे में अधिकारियों ने इनको क्वारंटीन करने के लिए छह स्थानों पर व्यवस्था करने के लिए कहा गया है लेकिन कोई ख़ास इंतज़ाम अभी तक हो नहीं पाए है। अब तक सिर्फ 88 लोगों को ही भेजा गया है।
पिछले 24 घंटे के दौरान दूसरे प्रांतों से आकर शहर में रुके सभी लोगों की प्राथमिक जांच कर ली गई है। कुछ गेस्ट हाउस और विद्यालयों को भी स्वारंटीन सेंटर बनाने के लिए चिह्नित किया गया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है की अगर कोरोना का ख़तरा है तो इन्हे जिले की सीमा पर ही क्यों नहीं रोका जा रहा है और अगर आगे कोरोना का संकट पैदा भी होता है तो ऐसे में कौन जिम्मेदार होगा ?