गुजरात के गांधीनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 जनवरी 2020 को तीसरे ग्लोबल पॉटेटो कॉन्क्लेव को रिमोट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि, मुझे बताया गया है कि Global Potato Conclave में दुनिया के अनेक देशों से वैज्ञानिक आए हैं। हजारों किसान साथी और दूसरे स्टेकहोल्डर्स भी जुटे हैं। अगले तीन दिनों में आप सभी पूरे विश्व के फूड और न्यूट्रिशन की डिमांड से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करने वाली है।
इसके आगे पीएम ने कहा कि, इस कॉन्क्लेव की खास बात ये भी है कि यहां पॉटेटो कॉन्फ्रेंस, एग्रीएक्स्पो और पॉटेटो फिल्ड डे, तीनों एक साथ हो रहे हैं। करीब 6000 किसान फील्ड डे के मौके पर खेतों में जाने वाले हैं। ये प्रशंसनीय प्रयास है। पहली बार ये कॉन्क्लेव दिल्ली से बाहर हो रहा है।
पीएम मोदी इस कॉन्क्लेव का गुजरात में होना अहम इसलिए बताया क्योंकि देश में सबसे ज्यादा पॉटेटो की प्रोडक्टिविटी गुजरात में ही होता है। वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को लेकर तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। किसानों के प्रयास और सरकार की पॉलिसी के कॉम्बिनेशन का ही परिणाम है कि अनेक अनाजों और दूसरे खाने के सामान के उत्पादन में भारत दुनिया के टॉप-3 देशों में है।
इसके आगे पीएम ने कहा कि, सरकार का प्रयास है कि खेती की लागत कम हो, किसान का खर्च कम हो, सरकार द्वारा शुरू की गई किसान सम्मान निधि से किसानों के अनेक खर्चो को पूरा करने की मदद मिली है। इसक आगे उन्होंने कहा कि, इस महीने के शुरुआत में, एक साथ 6 करोड़ किसानों के बैंक खातों में, 12 हजार करोड़ रुपए की राशि ट्रांसफर करके एक नया रिकॉर्ड भी बनाया गया है।
सरकार का जोर कृषि टेक्नॉलॉजी आधारित ‘स्टार्ट अप्स’ को प्रमोट करने पर भी है ताकि स्मार्ट और प्रिसिजन एग्रीकल्चर के लिए जरूरी किसानों के डेटाबेस और एग्री स्टैक का उपयोग किया जा सके।