प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी बुधवार 6 अगस्त को देश की राजधानी नई दिल्ली में दिल्ली के कर्तव्य पथ पर बने कर्तव्य भवन का उद्घाटन करेंगे। यह भवन भारत सरकार के प्रमुख मंत्रालयों के लिए नई, अत्याधुनिक कार्यस्थली के रूप में तैयार किया गया है। गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास, पेट्रोलियम मंत्रालय, MSME समेत अन्य मंत्रालयों के कार्यालय अब यहीं से संचालित होंगे। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
लगभग 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले इस अत्याधुनिक बिल्डिंग में दो बेसमेंट और सात मंजिलें हैं। इसमें गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, MSME, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, समेत कई प्रमुख मंत्रालयों के दफ्तर एक ही छत के नीचे होंगे। इससे दिल्ली में इधर-उधर बिखरे विभागों को एक साथ एक जगह पर लाने में मदद मिलेगी।
शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के अनुसार, पहले मंत्रालयों की इमारतें अव्यवस्थित रूप में थीं, लेकिन अब सेंट्रल विस्टा री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत इन्हें सुव्यवस्थित और अत्याधुनिक बनाया जा रहा है। अब तक 3 कर्तव्य भवन बनकर तैयार हो चुके हैं और कुल 10 भवनों का निर्माण प्रस्तावित है।
कर्तव्य भवन की प्रमुख विशेषताएं:
इस भवन में 2 बेसमेंट, 1 ग्राउंड फ्लोर और 6 मंजिलें हैं। कुल 850 ऑफिस रूम और 600 गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा है।
1st फ्लोर: पेट्रोलियम मंत्रालय
2nd फ्लोर: MSME और DOPT
3rd फ्लोर: विदेश मंत्रालय
4th–6th फ्लोर: गृह मंत्रालय, IB, और गृह मंत्री का कार्यालय
सुरक्षा और पर्यावरण का विशेष ध्यान
भवन की सुरक्षा के लिए 700 CCTV कैमरे, बायोमेट्रिक एंट्री, फ्लैप बैरियर, मेटल डिटेक्टर, एक्स-रे स्कैनर, बूम बैरियर जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। साथ ही, छत पर सोलर पैनल, वर्षा जल संचयन, वेस्ट वॉटर ट्रीटमेंट और रिसाइकल मटेरियल जैसी सुविधाएं इसे पर्यावरण-अनुकूल बनाती हैं।
सेंट्रल विस्टा का महत्व
कर्तव्य पथ के दोनों ओर फैला हुआ इलाका, जिसमें राष्ट्रपति भवन, संसद, उपराष्ट्रपति निवास, और अन्य ऐतिहासिक इमारतें आती हैं, सेंट्रल विस्टा कहलाता है। इस पूरे क्षेत्र को सुरक्षित, टिकाऊ और आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।