प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक उक्किरापंडी मुथुरामलिंगा देवर को उनकी 118वीं जयंती पर श्रद्धांजलि दी। मोदी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “भारत के सामाजिक और राजनीतिक जीवन पर गहरा प्रभाव डालने वाले पूज्य मुथुरामलिंगा देवर जी को गुरु पूजा के शुभ अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि देवर का न्याय, समानता, गरीबों और किसानों के कल्याण के प्रति समर्पण आज भी प्रेरणा देता है। उन्होंने अपने जीवन में आत्मसम्मान, एकता और समाज सेवा का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह पीढ़ियों को मार्गदर्शन देता रहेगा।
तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के पसुम्पोन गांव में आयोजित इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी श्रद्धांजलि दी। राधाकृष्णन ने देवर को “महान योद्धा और संत” बताया जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र और जनता की सेवा में समर्पित किया। उन्होंने कहा कि देवर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के अनुयायी थे और उन्होंने राष्ट्रवाद और अध्यात्म को जीवन की मार्गदर्शक शक्तियों के रूप में अपनाया। राधाकृष्णन ने कहा कि “देवर जी ने अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई, जेल गए और हर चुनाव में जनता के भरोसे से विजयी रहे। उनका जीवन साहस, त्याग और न्याय का प्रतीक है।”
उपराष्ट्रपति ने बताया कि वह पिछले 25 वर्षों से देवर जयंती में शामिल होते रहे हैं, लेकिन इस बार भारत के उपराष्ट्रपति के रूप में शामिल होना उनके लिए विशेष सम्मान है।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी ‘एक्स’ पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि “देवर ने दमनकारी कानूनों से जनता को मुक्ति दिलाई और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के साथी के रूप में आजादी के आंदोलन में अहम भूमिका निभाई।” उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार पसुम्पोन गांव में एक भव्य विवाह भवन का निर्माण करेगी।
विपक्ष के नेता ई.के. पलानीस्वामी सहित कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी पसुम्पोन पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। पुलिस ने मदुरै और पसुम्पोन में भारी भीड़ को देखते हुए करीब 11,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए।
मुथुरामलिंगा देवर का जन्म और निधन दोनों ही 30 अक्टूबर को हुआ था इसलिए उनकी जयंती और गुरु पूजा एक ही दिन मनाई जाती है। दक्षिण तमिलनाडु में उन्हें आज भी एक संत, योद्धा और समाज सुधारक के रूप में अत्यंत श्रद्धा से याद किया जाता है।






