स्वनिधि योजना में प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र वाराणसी पटरी दुकानदारों के खाते में पैसा भेजने के पहले नंबर पर आ गया है। जिसको लेकर प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र के ठेला पटरी व्यवसायियों से आज वर्चुअल संवाद किया। शहर के छह अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित वर्चुअल संवाद में करीब बारह सौ से ज्यादा ठेला पटरी व्यवसायियों ने भाग लिया।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वनिधि योजना के तहत मंगलवार को वाराणसी के दुर्गाकुंड स्थित मोमोज व कॉफी बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर अरविंद मौर्य से संवाद किया।
इस दौरान पीएम ने पूछा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का लाभ लेने के लिए कितनी दिक्कतें हुई और अफसरों के कितने चक्कर लगाने पड़े? वेंडर अरविंद ने पीएम को बताया कि यूनियन बैंक ने बुलाकर 10 हजार का लोन दिया। दूसरे दिन ही खाते में पैसा आ गया।
मोमोज बनाने की विधि के बारे में पीएम ने अरविंद से जानकारी ली और मजाकिया लहजे में कहा कि मुझे बनारस में कोई मोमोज नहीं खिलाता है। सुरक्षा में लगे अधिकारी व जवान कुछ खाने नहीं देते हैं।
जिस पर अरविंद ने कहा कि आप आइए सबरी की तरह पहले चख कर आपको खिलाऊंगा। पीएम ने और किन-किन योजनाओं का लाभ मिल रहा है, इसकी भी जानकारी ली।
दुर्गाकुंड स्थित वेंडिंग जोन में मोमोज किनदुकान लगाने वाले फेरी पटरी व्यवसायी अरविंद मौर्य से पीएम ने पूछा कि कोरोना से बचाव को लेकर क्या किया जाता है, बनारस में तो लोगों की बहुत भीड़ लगती होगी?
अरविंद मौर्य ने बताया कि यहां मास्क लगाकर आने वालों और सोशल डिस्टेंसिग का पालन करने वालों को अपनी तरफ से एक मोमोज फ्री में खिलाते हैं।
इस पर पीएम ने प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि आपकी जैसी सोच से हम संक्रमण से बच सकते हैं और दूसरों को भी बचा सकते हैं।
इस दौरान वेंडर अरविंद ने पीएम को बताया कि ऑनलाइन फूड कंपनी स्विगी से जुड़कर लोगों को घर तक मोमोज पहुंचाए जा रहे हैं। जिससे अच्छी इनकम हो रही है और कोरोना से बचाव भी।
पीएम ने फेरी पटरी व्यवसायियों को डिजिटल लेनदेन पर अधिक जोर दिया और उसके अनेकों फायदों के बारे में जानकारी दी।
बता दें कि इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में एलईडी डिस्प्ले के जरिये पीएम स्वनिधि योजना के बारे में बताने का भी काम किया जा रहा है। पीएम स्वनिधि योजना के तहत वाराणसी में करीब साढ़े तेईस हजार पटरी दुकानदारों का चयन किया गया था।
जिसमे लगभग सवा इक्कीस हजार दुकानदारों के खातों में डिजिटल तरीके से लोन का पैसा भेजा जा चुका है। पीएम स्वनिधि योजना का लाभ लिए दुकानदारों ने बताया कि कोरोना के कारण हम लोगो के व्यवसाय की कमर टूट सी चुकी थी।
लेकिन पीएम मोदी के इस योजना के जरिये एक वरदान मिला। आज हम ठेला पटरी व्यवसायी तेजी से अपने व्यवसाय को बड़ा रहे है। आपको ये भी बताते चले कि 90.31 फीसदी के साथ वाराणसी पहले जबकि लखनऊ और आगरा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर है।