Madhya Pradesh News: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के गुनौर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की हकीकत उस समय सामने आ गई, जब गुनौर विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में कई गंभीर खामियां देखने को मिलीं हैं। बता दें कई कर्मचारी अपने निर्धारित कार्यस्थल से नदारद मिले। वहीं, प्रसूताओं को मिलने वाली सुविधाओं में भी लापरवाही सामने आई। ऐसे में व्यवस्थाओं को लेकर विधायक ने संबंधित डॉक्टर को फटकार लगाई और तत्काल सुधार करने के आदेश दिए।
निरीक्षण के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मामला प्रसूताओं को मिलने वाले पोषण आहार का सामने आया है। शिकायत मिली कि अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को शासन द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार पोषण आहार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। वहीं, हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल में पोषण आहार से संबंधित जानकारी प्रदर्शित करने वाला चार्ट बोर्ड तक मौजूद नहीं था।
ऐसे में इस स्थिति पर विधायक ने नाराजगी जाहिर की। जिसके बाद उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिए कि प्रसूताओं को शासन की योजनाओं के तहत मिलने वाली सभी सुविधाएं निर्धारित मापदंडों के अनुसार उपलब्ध कराई जाएं।
अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में रही। निरीक्षण से पहले ही सफाई ठेकेदार द्वारा अस्पताल परिसर में सफाई कराई जा रही थी। इससे अस्पताल की नियमित सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए। सवाल यह भी उठता है कि क्या अस्पताल में साफ-सफाई का काम नियमित रूप से होता है या अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण की सूचना मिलने के बाद ही व्यवस्था सुधारी जाती है।

औचक निरीक्षण के दौरान गुनौर एसडीएम नरेंद्र सिंह धुर्वे, तहसीलदार हेमंत अवधिया और मेडिकल ऑफिसर डॉ. ओंकारनाथ सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। विधायक ने अस्पताल की व्यवस्थाओं में लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, साफ-सफाई और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए।
निरीक्षण में सामने आई खामियों के बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या संबंधित अधिकारियों के निर्देशों के बाद गुनौर CHC की व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार होगा या फिर कुछ दिनों बाद स्थिति दोबारा पहले जैसी हो जाएगी।
ऐसे में क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि अस्पताल में कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और प्रसूताओं को समय पर पोषण आहार सहित सभी जरूरी सुविधाएं मिलेंगी।
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