भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को पता था कि अगर बिना सबूत के पाकिस्तानी जासूसों को पकड़ा गया तो पाकिस्तान हल्ला मचाएगा। कि उन्होंने तो कोई जासूसी की ही नहीं। ऐसे में सुरक्षा ऐजेंसियों ने पाकिस्तानी जासूसों को सबूत के साथ पकड़ा था।
करोल बाग के एक होलट में स्टिंग ऑपरेशन किया गया और जासूसों की मीटिंग की वीडियों और आॅडियों को रिकाॅर्ड किया गया। यही कारण था कि पाकिस्तान ने अब तक जासूसी कांड पर चुप्पी साध रखी है।
वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रेलवे के एक और कर्मचारी से पूछताछ की है। पाकिस्तानी जासूस इस कर्मचारी से भी रेलवे और सेना के बारे में जानकारी लेने के लिए मिले थे। इस मामले में अब तक रेलवे के दो कर्मचारियों से पूछताछ हो चुकी है।
जासूसी मामले में पकड़े गए आबिद, जावेद और ताहिर पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात जरूर थे, लेकिन वह वहां पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम कर रहे थे।