मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कैबिनेट ने पांच सदस्यों की उच्चस्तरीय टीम की सलाह के बाद यह निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार आठ जून से दिल्ली की सीमाओं को दूसरे राज्यों के लिए खोलने जा रही है। दिल्ली सरकार के रणनीतिकारों को डर है कि सीमा खुल जाने के बाद एक बार फिर दिल्ली में दूसरे राज्यों के कोविड-19 के मरीज आने से संकट बढ़ जाएगा।
जिसके बाद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में केवल दिल्ली के कोविड-19 संक्रमितों के इलाज का निर्णय लिया है। हालांकि केजरीवाल ने साफ किया कि दिल्ली के निजी या प्राइवेट अस्पतालों में विशेष सर्जरी आदि करवाने के लिए आने वाले मरीजों को इसकी छूट रहेगी।
वहीं केंद्र सरकार के अधीन आने वाले राम मनोहर लोहिया, सफदरजंग अस्पताल और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पहले की तरह दिल्ली और देशभर से आने वाले मरीजों का इलाज करते रहेंगे।