मध्य प्रदेश में मोहन सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने इस अवसर पर सरकार की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया।
सीएम ने बैठक की शुरुआत में बताया कि हाल ही में आयोजित 7 नगरी निकायों के चुनाव में से 6 निकायों में भाजपा विजयी रही, जो जनता के विश्वास को प्रदर्शित करता है।
महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 35% आरक्षण के तहत मध्य प्रदेश में महिलाओं को विशेष लाभ दिए जा रहे हैं। लगभग 26 लाख लाडली बहनों को गैस रिफलिंग के लिए 450 रुपए की सहायता प्रदान की जा रही है। हालांकि, इस योजना से राज्य की आर्थिक स्थिति पर दबाव है, लेकिन सरकार आय के नए साधनों को बढ़ाकर इस भार को सहन करने का प्रयास कर रही है।
सीएम ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ो परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना, जो शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में शुरू हुई थी, अब पूरी होने की दिशा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को छतरपुर में केन-बेतवा परियोजना का भूमि पूजन करेंगे। इस परियोजना से प्रदेश के 11 जिलों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य में एयर एंबुलेंस की व्यवस्था पर प्रकाश डाला, जो हवाई पट्टी वाले और बिना हवाई पट्टी वाले क्षेत्रों में मरीजों को अस्पताल पहुँचाने में सहायक है। हाल की एक घटना का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि पन्ना के एक रिटायर्ड खनिज अधिकारी की जान इसी सेवा की वजह से बच गई।
मोहन सरकार ने मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए विभिन्न उपाय किए हैं। इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन जैसी परियोजनाएं जल्द ही कार्यान्वित होंगी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में रेलवे प्रोजेक्ट्स के लिए अलग से एक ओएसडी नियुक्त किया जाएगा। आने वाले समय में तीन लाख युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री की उपलब्धियों पर कांग्रेस के नेता उमंग सिंघार ने आलोचना करते हुए कहा कि सरकार का रिपोर्ट कार्ड केवल पुरानी योजनाओं का विवरण है, और किसी घोटाले की जांच नहीं हुई है। रोजगार और विकास के मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।