रिपोर्ट: मोहम्मद आबिद
लखनऊ: बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह और उनकी पत्नी स्वति सिंह पर अभ्रद्र टिप्पणी के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता नसीमुद्दीन और बसपा नेता राम अचल राजभर की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
बीजेपी नेता दयाशंकर सिंह के परिवार पर अमर्यादित टिप्पणी के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राम अचल राजभर को भगोड़ा घोषित किया है।इसके साथ ही कोर्ट ने उनकी संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया है, इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले में इंस्पेक्टर हजरतगंज को 20 फरवरी तक कुर्की की आख्या (रिपोर्ट) भी पेश करने का आदेश दिया है।

बताया जा रहा है की नसीमुद्दीन सिद्दीकी विवादित टिप्पणी को लेकर कई बार अर्जी दाखिल कर जमानत की मांग करते रहे हैं लेकिन इस बार कोर्ट की सख्ती ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी और राम अचल राजभर की संपत्ति कुर्क करने का आदेश दे दिया। वहीं कोर्ट ने हाईकोर्ट के निर्देश पर संज्ञान के बिंदु पर आरोपियों का पक्ष सुनने के बाद आरोपियों की अर्जी को खारिज कर दी थी।
BSP के तत्कालीन राष्ट्रीय सचिव मेवा लाल गौतम, अतर सिंह राव, नौशाद अली भी विवादित टिप्पणी करने के मामले में आरोपी हैं और 12 जनवरी को सभी आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के खिलाफ और कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। बतादें की बसपा सुप्रीमो के खिलाफ बीजेपी नेता की अमर्यादित टिपण्णी के बाद भड़के बसपा नेताओं ने लखनऊ में प्रहार किया था और इस दौरान दयाशंकर की पत्नी स्वाति सिंह, मां तेतरी देवी और नाबालिग बेटी को लेकर अभद्र टिपण्णी की गई थी।हजरतगंज में स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर नसीमुद्दीन और रामअचल राजभर के नेतृत्व में में बसपा नेता और कार्यकर्ता इकट्ठा हुए थे। आरोप है कि भीड़ को हिसा के लिए उकसाया भी गया था।