रिपोर्ट: सत्यम दुबे
लखनऊ: यूपी की योगी सरकार पंचायत चुनाव को लेकर काफी सख्त है, आपको बता दें कि इस बार पंचायत चुनाव नई आरक्षण नीति के तहत कराई जा रही है। सरकार ने 3 मार्च बुधवार को आरक्षण नीति के तहत परसीमन जारी कर दिया है। सरकार के इस नई नीति से कई दिग्गजों को भी झटका लगा है। इन दिग्गजो में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह का परिवार भी शामिल है।
दरअसल, योगी सरकार के नई आरक्षण नीति के तहत 25 साल में ऐसा पहली बार होने जा रहा है। जिसका किसी ने कल्पना भी नहीं किया था। आपको बता दें कि सरकार के नई नीति के तहत मुलायम सिंह का गढ़ माना जाने वाला सैफई ब्लॉक प्रमुख की सीट एससी महिला के लिए आरक्षित हो गई है। जिससे अब 25 सालों में ऐसा पहली बार होने जा रहा है कि सैफई का ब्लॉक प्रमुख मुलायम सिंह के परिवार का न हो कर कोई और होगा।
आपको बता दें कि पिछले 25 सालों से इस ब्लॉक पर मुलायम परिवार का कब्जा है। साल 1995 में पहली बार सैफई ब्लॉक बना था। यहां से पहली बार मुलायम के सबसे बड़े भाई रतन सिंह के बेटे रणवीर सिंह ब्लॉक प्रमुख बने। 5 साल बाद भी 2000 में रणवीर ही दोबारा ब्लॉक प्रमुख बने, लेकिन 2002 में रणवीर सिंह की अचानक मौत हो जाने के बाद यह जिम्मेदारी मुलायम के बेहद करीबी चौधरी नत्थू सिंह के बेटे अरविंद को दी गई।
साल 2005 में ब्लॉक प्रमुख की जिम्मेदारी मुलायम के छोटे भाई अभयराम के बेटे धर्मेंद्र यादव को दी गई। बदायूँ के सांसद बनने से पहले धर्मेंद्र यादव 2005 से 2010 तक ब्लॉक प्रमुख रहे। अब योगी सरकार में सैफई ब्लॉक की सीट SC महिला के लिए आरक्षित की गई है। जबकि दूसरी ओर देंखे तो जसवंत नगर की भी सीट महिला के लिए आरक्षित कर दी गई है। यह इलाका शिवपाल सिंह यादव का गढ़ माना जाता है। आपको बता दें कि शिवपाल सिंह यादव जसवंत नगर सीट से मौजूदा वक्त में विधायक हैं।
बात करें सैफई की तो सैफई प्रदेश का वह अत्याधुनिक गांव है, जहां अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, अंतरराष्ट्रीय स्विमिंग पूल, एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम, सैफई चिकित्सा विश्वविद्यालय और साफ-सुथरी लम्बी चौड़ी सड़कों से लैस है।