मध्यप्रदेश के पुलिस पेंशनर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। पुलिस पेंशनर्स संघ मध्यप्रदेश की ओर से माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें तीन प्रतिशत महंगाई राहत (DA Relief) और स्वास्थ्य बीमा योजना को शीघ्र लागू करने की मांग की गई है। संघ ने ज्ञापन में बताया कि प्रदेश में लगभग 5 लाख 50 हजार पुलिस पेंशनर्स हैं, जो लंबे समय से तीन प्रतिशत महंगाई राहत दिए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। महंगाई लगातार बढ़ने के बावजूद यह राहत अब तक लागू न होने से पेंशनर्स को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस पेंशनर्स संघ ने कहा कि केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2025 से अपने पेंशनर्स को तीन प्रतिशत महंगाई राहत प्रदान कर दी है, जिससे कुल महंगाई राहत 58 प्रतिशत हो गई है। इसके विपरीत, मध्यप्रदेश शासन द्वारा अभी तक बढ़ी हुई महंगाई राहत लागू नहीं की गई है। संघ का कहना है कि इससे राज्य के पेंशनर्स को हर माह सीधा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और उनके जीवन-यापन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
महंगाई राहत के साथ-साथ पुलिस पेंशनर्स संघ ने स्वास्थ्य बीमा योजना को लागू करने की भी जोरदार मांग उठाई है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व में पेंशनर्स के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना पर विचार किया गया था और करीब 10 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा के लिए प्रीमियम राशि का प्रस्ताव भी रखा गया था, लेकिन यह योजना अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों की उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ती जाती हैं, ऐसे में चिकित्सा सुरक्षा मिलना बेहद जरूरी है।
पुलिस पेंशनर्स संघ ने सरकार से आग्रह किया है कि लंबित 3% महंगाई राहत को तत्काल स्वीकृत किया जाए, स्वास्थ्य बीमा योजना को कैबिनेट में प्रस्ताव लाकर जल्द लागू किया जाए, ताकि प्रदेश के हजारों सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों को राहत मिल सके। संघ का कहना है कि पेंशनर्स ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा में समर्पित किया है, ऐसे में सरकार का यह दायित्व बनता है कि उनके बुढ़ापे को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाया जाए।