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MP Excise Policy 2026-27: पहली बार 55 जिलों में होगी बोली, कोई नई शराब दुकान नहीं खुलेगी

मध्य प्रदेश सरकार ने 2026-27 की नई आबकारी नीति को मंजूरी दी। 3553 दुकानों की ई-नीलामी, कोई नई शराब दुकान नहीं, नर्मदा तट पर प्रतिबंध बरकरार, विदेशी मदिरा फीस बढ़ी।

By: Abhinav Tiwari 
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MP Excise Policy 2026-27: पहली बार 55 जिलों में होगी बोली, कोई नई शराब दुकान नहीं खुलेगी

मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति (MP New Excise Policy) को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने स्पष्ट किया कि राज्य में कोई भी नई शराब दुकान नहीं खोली जाएगी। साथ ही मौजूदा दुकानों के रिन्यूअल की व्यवस्था पूरी तरह समाप्त कर दी गई है। अब प्रदेश की सभी मदिरा दुकानों का आवंटन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा।

55 जिलों में पहली बार चरणबद्ध ई-नीलामी

नई नीति के तहत प्रदेश की कुल 3553 मदिरा दुकानों को पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए ऑनलाइन नीलामी में शामिल किया जाएगा। दुकानों को अधिकतम 5-5 के छोटे समूहों में बांटा जाएगा इससे अधिक प्रतिभागियों को मौका मिलेगा और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी वहीं जिलों को 3 से 4 बैच में बांटकर नीलामी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार ने आरक्षित मूल्य में 20% की वृद्धि भी की है, जिससे राजस्व बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

जालसाजी रोकने के लिए सख्त प्रावधान

नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए- केवल ई-चालान और ई-बैंक गारंटी ही मान्य होगी सामान्य बैंक गारंटी और एफडी को अमान्य कर दिया गया है। सरकार का दावा है कि इससे फर्जीवाड़े पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।

जनजातीय समूहों को लाभ: महुआ मदिरा ड्यूटी-फ्री निर्यात

नई आबकारी नीति में जनजातीय स्व-सहायता समूहों को विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। इनके द्वारा निर्मित महुआ मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी-फ्री निर्यात की अनुमति बदले में उन राज्यों की हेरिटेज या विशेष मदिरा को मध्य प्रदेश में ड्यूटी-फ्री प्रवेश, निर्यात शुल्क और लेबल पंजीयन प्रक्रिया को सरल किया गया है। इस कदम से जनजातीय समुदायों की आय बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में मदद मिलेगी।

नर्मदा तट और पवित्र नगरों में प्रतिबंध बरकरार

कैबिनेट ने पहले से लागू प्रमुख प्रतिबंधों को यथावत रखा है-

  • नर्मदा नदी के तट से 5 किमी के दायरे में शराब दुकानों पर प्रतिबंध जारी

  • पवित्र नगरों में मदिरा दुकानों पर रोक पहले की तरह लागू

  • किसी भी दुकान के साथ अहाता (बैठकर शराब पीने की सुविधा) नहीं खोले जाएंगे

विदेशी मदिरा पर फीस बढ़ी

विदेशी मदिरा से जुड़े प्रावधानों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं-

  • बॉटलिंग फीस दोगुनी

  • स्पिरिट पर शुल्क ₹6 से बढ़ाकर ₹12 प्रति प्रूफ लीटर

  • बीयर पर शुल्क ₹3 से बढ़ाकर ₹6 प्रति बल्क लीटर

सरकार का मानना है कि इससे राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

Ease of Doing Business: ब्रांड मूल्य अनुमोदन होगा आसान

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत ब्रांड मूल्य अनुमोदन प्रक्रिया को सरल किया गया है-

  • अब डिस्टिलरी को कीमत बढ़ाने के लिए आबकारी आयुक्त के पास फाइल भेजने की जरूरत नहीं

  • कंपनी पोर्टल पर नई कीमत अपलोड करेगी

  • सिस्टम अन्य राज्यों की दरों से स्वतः मिलान करेगा

  • शर्तें पूरी होने पर ऑटो-अप्रूवल मिलेगा

इससे प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनेगी।

सरकार का दावा: पारदर्शिता, नियंत्रण और राजस्व में बढ़ोतरी

सरकार का कहना है कि नई आबकारी नीति से- पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत होगा, राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय इजाफा होगा|  यह नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 से लागू की जाएगी।

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