एक तरफ केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार किसानों की सहायता के लिए बड़े बड़े प्रयास कर रही है जिससे किसानों को कोई समस्या ना आये। वहीं दूसरी तरफ कुछ दबंग लोग प्रशासन से मिलकर किसान की खड़ी फसल को नष्ट करा देते है।
ये जो मामला हम आपको बताने जा रहे हैं ये मामला थाना छजलैट क्षेत्र के भीकनपुर गांव का है, जहां पर एक दबंग स्कूल संचालक की दबंगई इतनी बढ़ गयी जिसने सारे नियमो को ताक पर रख दिया और प्रशाशनिक अधिकारियों से मिलकर एक किसान की खड़ी फसल को नष्ट करा दिया।
दरअसल मामला मुरादाबाद के एक छोटे से गांव खलीलपुर अमरु तहसील कांठ का है जहां पर प्रेमपाल नाम का व्यक्ति अपने बीबी बच्चो के साथ गुजर बसर कर रहा है।
दिन रात मेहनत करके अपनी जमीन की कमाई से अपने बच्चो का गुजारा कर रहा था,लेकिन स्कूल प्रबंधक की दबंगई के आगे बेचारा किसान करे भी तो क्या करे।
ऐसे में बड़ा सवाल यह भी है कि किसी किसान की फसल को नष्ट करना क्या सही है,क्या किसान को पहले सूचित नही किया जाना था,क्या ये स्कूल संचालक ओर प्रशासन की मिलीभगत नही है।
ऐसे में कई बड़े सवाल प्रशासन पर खड़े होते हैं,अब देखना ये होगा कि जब सरकार किसानों के लिए किसान सम्मान निधि,सहज योजना,किसान ऋण मोचन योजना,उज्जवला योजना ओर भी बहुत सारी योजनाएं चला रही है।
तो कहीं ना कहीं इस कार्यवाही से किसानों को ठेस नही पहुँचेगी ये बड़ा सवाल है। फिलहाल पीड़ित किसान ने उपजिलाधिकारी कांठ से न्याय की गुहार लगाई है।