रिपोर्ट: सत्यम दुबे
नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा लाये गये तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन अब भी जारी है, इसी बीच मोदी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैंसला लिया है। सरकार ने DAP पर किसानों को मिलने वाली सब्सिडी में दोगुने से अधिक का इजाफा कर दिया है। अब उन्हें 500 रुपए प्रति बैग की जगह 1200 रुपए प्रति बैग सब्सिडी दी जाएगी। किसानों के हित में लिया गया सब फैंसला पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में लिया गया है।
PM Modi chaired a high-level meeting on issue of fertiliser prices. He stressed that farmers should get fertilisers at old rates despite the international rise in prices. It was decided that farmers will get a subsidy of Rs 1200/bag of DAP fertiliser instead of Rs 500/bag: PMO pic.twitter.com/6Emun9iYfY
— ANI (@ANI) May 19, 2021
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने यह फैसला ऐसे समय पर लिया है, जब हाल ही में सरकार को कृषि कानूनों में संशोधन को लेकर नाराजगी और आंदोलन का सामना करना पड़ा है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से बुधवार को जारी बयान में कहा गया, ”पीएम मोदी ने उर्वरकों की कीमत पर हाई लेवल मीटिंग की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतें बढ़ने के बावजूद किसानों को पुरानी कीमत पर ही उर्वरक मिले। यह फैसला लिया गया कि किसानों को डीएपी पर 500 रुपए प्रति बैग की जगह अब 1200 रुपए प्रति बैग सब्सिडी दी जाएगी।
कयास लगाया जा रहा है कि केंद्र सरकार के इस फैसले से किसानों की नाराजगी कुछ हद तक दूर हो सकेगी। तीनों कृषि कानूनों में संशोधन को लेकर पिछले साल से ही सरकार को आंदोलन का सामना करना पड़ रहा है। सरकार के खिलाफ नाराजगी का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए स्थानीय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। खासकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जिस तरह बीजेपी को निराशा हाथ लगी, उसे किसानों की नाराजगी से भी जोड़कर देखा गया।
यूपी में हुए पंचायत चुनाव में पश्चिमी यूपी में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। किसान आंदोलन में सबसे ज्यादा पश्चिमी यूपी के किसानों ने हिस्सा लिया है। यहां तक की आंदोलन की अगुवाई करने वाले राकेश टिकैत भी पश्चिमी यूपी से आते हैं। उन्होने बीजेपी को पंचायत चुनाव में बड़ा झटका दिया है। ऐसे में देखना यह होगा कि केंद्र सरकार द्वारा लिया गया निर्णय कितना असरदार साबित होता है।