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Menstrual Hygiene Tips: मेंस्ट्रुअल हाईजीन से जुड़ी आम गलतियां, जो ज्यादातर लड़कियां कर बैठती हैं

क्यों जरूरी है मेंस्ट्रुअल हाईजीन पर सही जानकारी...

By: Abhinav Tiwari 
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Menstrual Hygiene Tips: मेंस्ट्रुअल हाईजीन से जुड़ी आम गलतियां, जो ज्यादातर लड़कियां कर बैठती हैं

मेंस्ट्रुअल हाइजीन यानी मासिक धर्म के दौरान साफ-सफाई और सही देखभाल आज भी कई घरों में खुलकर चर्चा का विषय नहीं बन पाती। स्कूलों में सीमित जानकारी, परिवार में झिझक और दोस्तों के बीच अधूरी या गलत बातें-इन सबके कारण कई लड़कियां सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा कर लेती हैं। नतीजतन, अनजाने में ऐसी गलतियां हो जाती हैं जो आगे चलकर इंफेक्शन, एलर्जी, स्किन प्रॉब्लम, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) और रिप्रोडक्टिव हेल्थ से जुड़ी समस्याओं की वजह बन सकती हैं।

पैड या टैम्पोन समय पर न बदलना

यह सबसे आम और खतरनाक गलती मानी जाती है। फ्लो कम होने पर भी लंबे समय तक एक ही पैड या टैम्पोन इस्तेमाल करना बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना देता है। इससे रैशेज, दुर्गंध, स्किन और वेजाइनल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार पैड हर 4-6 घंटे में और टैम्पोन 4-8 घंटे के भीतर बदलना जरूरी है, चाहे फ्लो कम ही क्यों न हो।

इंटिमेट एरिया को जरूरत से ज्यादा या गलत तरीके से साफ करना

कई लड़कियां बार-बार साबुन, शॉवर जेल या खुशबूदार प्रोडक्ट से सफाई करती हैं, यह सोचकर कि इससे ज्यादा हाइजीन बनी रहेगी। जबकि वेजाइना खुद को नेचुरली साफ रखती है। ज्यादा केमिकल या फ्रेगरेंस वाले प्रोडक्ट pH बैलेंस बिगाड़ सकते हैं, जिससे जलन, खुजली और यीस्ट इंफेक्शन का जोखिम बढ़ता है। हल्के गुनगुने पानी से बाहरी सफाई पर्याप्त होती है।

सिंथेटिक या गंदे अंडरगारमेंट पहनना

पीरियड्स के दौरान नमी ज्यादा रहती है। ऐसे में टाइट या सिंथेटिक अंडरगारमेंट त्वचा को सांस नहीं लेने देते, जिससे पसीना और बैक्टीरिया जमा होते हैं। यह रैशेज और फंगल इंफेक्शन की वजह बन सकता है। बेहतर है कि इस दौरान ढीले, कॉटन अंडरगारमेंट पहनें और दिन में कम से कम एक बार जरूर बदलें।

दर्द या असामान्य लक्षणों को नजरअंदाज करना

अक्सर यह मान लिया जाता है कि पीरियड्स में बहुत ज्यादा दर्द, बदबूदार डिस्चार्ज, खुजली या जलन सामान्य है। जबकि ऐसा हर बार नहीं होता। ये लक्षण इंफेक्शन, हार्मोनल गड़बड़ी या किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकते हैं। अगर ये परेशानी बार-बार हो रही हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

गंदे हाथों से मेंस्ट्रुअल प्रोडक्ट बदलना

जल्दी या बाहर होने की स्थिति में कई बार बिना हाथ धोए पैड, टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप बदल लिया जाता है। इससे कीटाणु सीधे इंटिमेट एरिया तक पहुंच सकते हैं। हर बार प्रोडक्ट बदलने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोना एक छोटी लेकिन बेहद जरूरी आदत है।

सही आदतें अपनाकर रहें स्वस्थ

मेंस्ट्रुअल हाइजीन से जुड़ी सही जानकारी और छोटी-छोटी सावधानियां आपको कई बड़ी समस्याओं से बचा सकती हैं। पीरियड्स कोई शर्म की बात नहीं, बल्कि शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है-इसे समझदारी और सही देखभाल के साथ मैनेज करना ही बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी है।

Note: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी के लिए है और किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी निर्णय लेने से पहले योग्य डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें। प्रस्तुत जानकारी की सत्यता, प्रभाव या परिणामों की RNI कोई पुष्टि या जिम्मेदारी नहीं लेता।

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