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महराजगंज – अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, एक ही गांव के पच्चीस मकान हुए जमींदोज

By RNI Hindi Desk 
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यूपी के महराजगंज जिले में हाईकोर्ट के आदेश पर करीब पच्चीस मकानों को प्रशासन की टीम ने दो जेसीबी लगाकर ढहा दिया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स घुघली बुजुर्ग गांव में तैनात रही। गांव के लोगो ने जिला प्रशासन पर बिना नोटिस दिए मकानों को गिराने का आरोप लगाया।

गांव में उपजे आपसी विवाद में घुघली बुजुर्ग गांव के असगर ने हाईकोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया था कि गांव के कुछ लोग सार्वजनिक रास्ते में अतिक्रमण कर लिए हैं। जिसके बाद हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया जिसपर बेदखली का मुकदमा सदर तहसीलदार जसीम अहमद के कोर्ट में चला, जिसपर माननीय हाईकोर्ट के आदेशों का पालन कराते हुए रविवार को जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन में हुए अतिक्रमण पर बुलडोजर चलावा दिया।

तस्वीरों में दिख रहा ये लोगों की भीड़ और मकानों पर चलते ये बुलडोजर दरअसल ये सब हाईकोर्ट के आदेश के बाद हो रहा है। महराजगंज जिले के घुघली बुजुर्ग गांव के असगर का गांव के ही कुछ लोगो से रास्ते को लेकर विवाद हो गया। जिसपर वो हाईकोर्ट चले गए और अब जब फैसला आया है। तब लोगो द्वारा किये गए अतिक्रमण पर डंडा चल गया। किसी के घर शादी है तो किसी का सामान मकानों के अंदर ही रह गया। लोगो ने जिला प्रशासन पर नोटिस न देने का आरोप लगाया है।

ग्रामीण रामाश्रय विश्वकर्मा अपनी बात बताते हुए रो पड़े कहते हैं कि अभी सात महीने ही हुए हैं मकान बनवाये हुए, बेटे की शादी के लिए बड़े ही हसरत से नया मकान बनवाये थे, जो अब गांव वालों की साजिश की वजह से टूट गया।

आँखों के सामने उजड़ते लोगों का आशियाना देख वहां मौजूद सबकी आँखे भर आयी। जिनके घरों को जमींदोज किया गया उन लोगों का रो-रो कर बुरा हाल है। गाँव के लोगों ने प्रशासन पर नोटिस नही देने का आरोप लगाया है।

 

 

ग्रामीण हेमंत गुप्ता का कहना है कि बिना आर्शी व बिना समान के हमारे मकानों को एक झटके में जमींदोज कर दिया गया। गांव के ही दो लोगो के बीच का 20 वर्षो से चल रहे विवाद में ये सब हुआ है।

घुघली बुजुर्ग गांव के ही विनोद जिनके मकान पर बुल्डोजर चला है। उनको मकान पर बुलडोजर चलने में गांव वालों की साजिश नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि ज्यादती हुई है हमारे साथ हमे कोई नोटिस नही मिला। इसमे गांव वालों ने इसमें साजिश किया है। हमारे वहाँ अभी कुछ दिनों में शादी है, अब हम क्या करेंगे।

ग्रामीण फूलकुमारी का कहना है कि कुछ ही दिनों में उनके यहां शादी है। यही एक मकान था अब वो कहाँ रहेंगी।

सदर तहसीलदार ने बताया है कि माननीय उच्च न्यायालय का ये आदेश था जो बेदखली का मुकदमा मेरे कोर्ट में चला था, पक्षकार असगर अली उच्च न्यायालय गया था। जिसपर ये आदेश मिला कि आदेश का पालन कराया जाए। 30 मकानों को गिराने का आदेश मिला था। 25 मकान मौके पर मौजूद थे। जिन्हें गिराया गया है।

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