राशिद की रिपोर्ट
कोरोना काल संकट की इस घड़ी ने सब कुछ बदल दिया है। कपड़े और लोहे का काम करने वाले लोग अब मास्क बेचते नजर आ रहे हैं।
जी हां सड़कों पर आपको ठेले, साइकिल,और सड़क किनारे आपको लोग मास्क बेचते दिख जाएंगे यह लोग वे लोग हैं जो पहले कपड़े लोहे आदि का कारोबार किया करते थे लेकिन मार्किट में आई मंदी के चलते अब सभी लोग मास्क की डिमांड को देखते हुए मास्क बेच रहे हैं।
तस्वीरें है मेरठ के हापुड़ रोड की जहां हापुड़ अड्डे पर लोहे की दुकान करने वाले व्यक्ति ने अपनी दुकान को बंद कर मास्क बेचनें ने शुरू कर दिए।
इस व्यक्ति का कहना है कि कारोबार नहीं बचा और रोजगार चलाने के लिए कुछ ना कुछ करना था बच्चे पालने हैं तो कुछ पैसे चाहिए जिसके चलते इन लोगों ने मास्क बेचने की सोची और बेचना शुरू कर दिया।
उधर हापुड़ रोड पर ही आगे चलकर हमने एक और व्यक्ति से बात की व्यक्ति पहले जयपुर में कपड़े का काम करता था लेकिन लॉकडाउन के चलते वह मेरठ वापस आ गया और कारोबार खत्म हो गया जिसके चलते परिवार का पालन पोषण चलाने के लिए इस प्रवासी ने मास्क बिजनेस शुरू कर दिया आज यह युवक सड़क किनारे मास्क बेचता है और अपना रोजगार चलाता है ।
गौरतलब है कि बिना मास्क के पुलिस भी लोगों का चालान कर रही है जबकि थानों में भी बिना मास्क के नो एंट्री है साथ ही पेट्रोल पंप पर बिना मास्क के पेट्रोल नहीं मिलता है और शॉपिंग मॉल में भी बिना मास्क के एंट्री नहीं मिलेगी।
यानी के अब हर जगह मास्क की आवश्यकता बेहद जरूरी हो चुकी है। बिना मास्क कहीं नहीं आया जाया जा सकता इसलिए मास्क की डिमांड बढ़ी है और लोगों ने अपनी रोजी रोटी का साधन मास्क बेचकर बना लिया है।