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बागेश्वर धाम में सामूहिक विवाह महोत्सव: डॉ. मोहन यादव ने दिया सनातन संस्कृति और सामाजिक सुधार का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति सदियों से चली आ रही है और तमाम प्रयासों के बावजूद इसे कभी समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण को इसी जीवंत और गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक बताया।

By: Abhinav Tiwari 
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बागेश्वर धाम में सामूहिक विवाह महोत्सव: डॉ. मोहन यादव ने दिया सनातन संस्कृति और सामाजिक सुधार का संदेश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने जिला छतरपुर के गढ़ा स्थित Bageshwar Dham में आयोजित सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर सरकार की स्पष्ट सोच रखी। बता दें कि 15 फरवरी को महा-शिवरात्री के शुभ अवसर पर 300 कन्याओं का सामुहिक विवाह Dhirendra Krishna Shastri  के द्वारा पूर्ण कराया जाएगा।

सनातन संस्कृति की अविरल धारा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन संस्कृति सदियों से चली आ रही है और तमाम प्रयासों के बावजूद इसे कभी समाप्त नहीं किया जा सका। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार और अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण को इसी जीवंत और गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन परंपराएं समाज को जोड़ने और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करती हैं।

सामूहिक विवाह को मिलेगा सरकार का पूर्ण सहयोग

मुख्यमंत्री ने सामाजिक सुधार की दिशा में सामूहिक विवाह को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने घोषणा की कि मध्य प्रदेश सरकार सामूहिक विवाह आयोजनों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने Dhirendra Krishna Shastri से कहा कि यदि भविष्य में 3,000 बेटियों का सामूहिक विवाह आयोजित किया जाता है, तो सरकार प्रत्येक बेटी के लिए 51,000 रुपये की सहायता देगी और पूरे आयोजन का खर्च वहन करेगी।

फिजूलखर्ची के बजाय शिक्षा और भविष्य पर जोर

डॉ. मोहन यादव ने विवाह समारोहों में होने वाले दिखावे और अनावश्यक खर्चों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का खर्च समाज और परिवारों पर आर्थिक बोझ बनता है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि यह धन बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास और उज्ज्वल भविष्य में लगाया जाना चाहिए।

खुद प्रस्तुत किया सामाजिक उदाहरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सामाजिक बदलाव के लिए स्वयं उदाहरण प्रस्तुत किया है। मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए भी उन्होंने अपने पुत्र का विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन के माध्यम से ही संपन्न कराया। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन तभी संभव है, जब नेतृत्व स्वयं आदर्श प्रस्तुत करे।

रोजगार और सरकारी योजनाओं से जोड़ने का आश्वासन

मुख्यमंत्री ने सामूहिक विवाह मंडप में बैठे नवदंपत्तियों को आश्वस्त किया कि यदि उन्हें रोजगार या स्वरोजगार की आवश्यकता होगी, तो सरकार उनकी सूची बनाकर राज्य की विभिन्न योजनाओं से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर परिवार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

अबूझ मुहूर्तों पर सामूहिक विवाह का सुझाव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देव उत्थान एकादशी, बसंत पंचमी और अक्षय तृतीया (अखा तीज) जैसे अबूझ मुहूर्तों पर सामूहिक विवाह आयोजन करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों की पूरी जिम्मेदारी सरकार लेने को तैयार है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिल सके।

बागेश्वर धाम के कार्यों की सराहना

मुख्यमंत्री ने बागेश्वर धाम में किए जा रहे सामाजिक और धार्मिक कार्यों की सराहना करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और आर्थिक संतुलन को मजबूत करते हैं।

सामाजिक समरसता का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार सनातन संस्कृति के संरक्षण, सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक सुधारों और गरीब एवं मध्यम वर्ग के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बागेश्वर धाम का यह आयोजन सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को और अधिक सशक्त करता नजर आया।

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