मुंबई में आयोजित Climate Week-2026 में सहभागिता के बाद डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह कार्यक्रम नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश अब घरेलू ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी 24 घंटे सौर ऊर्जा उपयोग की क्षमता विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सौर ऊर्जा को केवल दिन के समय तक सीमित नहीं रख रहा है, बल्कि बैटरी स्टोरेज तकनीक के माध्यम से रात में भी सौर ऊर्जा के उपयोग को संभव बनाने की दिशा में सक्षम हो रहा है। इससे राज्य उस श्रेणी में शामिल हो रहा है, जहां 24×7 ग्रीन एनर्जी उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि क्लाइमेट चेंज के दृष्टिकोण से ग्रीन एनर्जी आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे Climate Week-2026 में मध्य प्रदेश की ओर से निवेश प्रस्ताव लेकर आए हैं। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों को राज्य में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए भरोसा दिलाया कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेशकों को नीतिगत सहयोग, सुरक्षा और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा।
डॉ. मोहन यादव ने बताया कि राज्य इस समय 200 मेगावाट के एक बड़े नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा है, साथ ही हाल ही में लगभग 8000 मेगावाट क्षमता की नई परियोजनाओं पर भी काम शुरू किया गया है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य मध्य प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश ग्रीन एनर्जी सेक्टर में देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटना है। ग्रीन एनर्जी के माध्यम से न केवल पर्यावरण संरक्षण होगा, बल्कि आर्थिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि भविष्य में और भी बेहतर योजनाओं और नवाचारों के साथ मध्य प्रदेश ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में अपनी अग्रणी भूमिका को और मजबूत करेगा।