रिपोर्ट: सत्यम दुबे
रायपुर: कोरोना महामारी के दूसरे लहर का कहर लगातार जारी है। कोरोना से संक्रमित मरीज ऑक्सीजन और दवाईयों की कमीं से लगातार दम तोड़ रहें हैं। महामारी के दूसरे लहर ने कई हंसते-खेलते परिवारों को तबाह कर दिया है। इन सब के बीच राज्य सरकार ने मंगलवार से शराब की दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है। शराब की दुकानों के खुलने से लोग इस कदर उत्साहित हो गए कि वह भूल गए कि कोरोना महामारी चल रही है, लोगो ने शराब पहले पाने के लिए कोविड गाइडलाइन की जमकर धज्जियां उड़ाई। इस दौरान कई शराब की दीवानों का तो यहां तक कहना रहा है कि शराब की दुकान खुलने से कोरोना भाग जाएगा और स्थिति सामान्य हो जायेगी।
बात करें बाराबंकी जिले की तो यहां मुख्यालय पर कतारों में लोग एक-दूसरे से सटकर खड़े दिखाई दिए, लोगों के मन में एक ही धुन है कि जल्दी से जल्दी उनके हाथों में शराब की बोतल आ जाये। सरकार ने जहां लोगों से कम से कम 6 फिट की दूरी बनाने के लिए कहा है, वहीं यह शराब के शौकीन लोग आधा फिट की दूरी का भी पालन करने को तैयार नही है।
शराब प्रेमियों का कहना था कि सरकार ने शराब की दुकान खुलवा कर काफी अच्छा काम किया है। इससे गांजा, भांग की ओर भाग रहा आदमी शराब की तरफ मुड़ जाएगा और स्थितियां जल्दी ही सामान्य हो जाएंगी। शराब के सेवन से उन्हें रात में अच्छी नींद और दिन में ज्यादा काम करने में बल मिलेगा।
हालात ये था कि शराब की लोगो का ये मानना है कि कोरोना को भगाने का शराब एक कारगर तरीका है इसीलिए सरकार ने दुकानें खोलने का आदेश पारित किया है। उनका मानना है कि इसके सेवन से उन्हें रात में अच्छी नींद भी आएगी और दिन में ज्यादा काम करने की ऊर्जा भी मिलेगी।
कुछ शराब प्रेमियों ने गरीबों के लिए भी चिंता जाहिर की, उनको मलाल है कि सिर्फ अंग्रेजी शराब की दुकानें खुली हैं, जो काफी महंगी है। अगर देशी शराब की दुकान भी खुल जाती तो गरीब आदमीं भी राहत महसूस करता।