Amrit Bharat Engine : वाराणसी स्थित BLW ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कारखाने ने 2500वां स्वदेशी बिजली से चलने वाला इंजन राष्ट्र को समर्पित किया है। यह उपलब्धि ‘मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड’ की भावना को साकार करती है। BLW सिर्फ भारतीय रेलवे की जरूरतें पूरी नहीं कर रहा, बल्कि वैश्विक मांग भी पूरी कर रहा है। बीते पांच वर्षों में कारखाने ने 11 देशों को 171 डीजल इंजन निर्यात किए हैं, जिनमें अफ्रीकी देश प्रमुख हैं। मोजांबिक को हाल ही में 91 करोड़ रुपये के छह डीजल इंजन भेजे गए, जबकि श्रीलंका और मलेशिया जैसे देशों से भी ऑर्डर मिल रहे हैं। अब तक कारखाना 1400 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित कर चुका है।

इन इंजनों में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ लोको पायलट की सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। BLW द्वारा निर्मित WAG9 इंजन 6000 हॉर्स पावर का है और इसमें वॉटर फ्री UV युक्त टॉयलेट की सुविधा भी है। बिजली से चलने वाले इंजनों में ‘पेंटोग्राफ’ सिस्टम के जरिए ओवरहेड वायर से ऊर्जा ली जाती है। BLW का फोकस सिर्फ निर्माण पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता, सुरक्षा और सुविधा पर भी है।
नरेश पाल (GM, BLW) के अनुसार, दिसंबर 2025 से यहां बनने वाले सभी इंजन “कवच युक्त” होंगे, जिससे रेल दुर्घटनाओं पर रोक लगेगी। साथ ही अमृत भारत ट्रेन के लिए भी इंजन का निर्माण कार्य जारी है। BLW द्वारा बनाए गए इंजनों का निर्यात बांग्लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, तंजानिया, वियतनाम, म्यांमार, सूडान, सेनेगल, अंगोला, माली और मोजांबिक तक हो चुका है।
BLW न सिर्फ देश की जरूरतें पूरी कर रहा है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में वैश्विक रेल निर्माण का मजबूत केंद्र बन चुका है। यह कारखाना मोदी सरकार के विजन के तहत विश्वस्तरीय उत्पादन और गुणवत्ता का प्रतीक बन चुका है।