नई दिल्ली : करवा चौथ का पावन पर्व कार्तिक माह की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति के लंबी आयु के लिए व्रत रखती है। आपको बता दें कि इस साल करवा चौथ का व्रत 24 अक्टूबर 2021 दिन रविवार को रखा जाएगा। अपने नियमों को लेकर ये व्रत अत्यंत कठोर माना जाता है। ये व्रत सूर्योदय से पहले शुरू होता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के पश्चात अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत का पारण करती हैं।
लेकिन आज बदलते समय में कुंवारी लड़कियां भी अपने प्रेमी या होने वाले पति के लिए व्रत रखने लगी है। जानते हैं ज्योतिषाचार्य अमित मिश्र से कुंवारी लड़कियों के लिए यह व्रत करना कितना सही है।
सुहागिनें क्यों करती हैं ये व्रत?
ज्योतिषाचार्य अमित मिश्र के अनुसार, शादी के बाद जब लड़की ससुराल पहुंचती है, तो पहला व्रत रखा जाता है। हिंदू धर्म में शादी दो शरीर नहीं, बल्कि दो आत्माओं का मिलन माना जाता है। पहले व्रत को लेकर नई नवेली दुल्हन के मन में काफी उमंग और आस्था होती है। घर की बुजुर्ग महिलाओं की देखरेख में ये दुल्हन अपने पति की लंबी आयु के लिए ये व्रत रखती हैं। पति जब देखता है कि उसके लिए पत्नी ने इस कठोर व्रत को रखा है, तो उसके मन में भी पत्नी के प्रति आदर बढ़ता है। साथ ही जब पत्नी सोलह श्रृंगार कर पति के सामने पहुंचती है, तो पति के मन में उसकी ओर आकर्षण एवं प्रेम का भाव बढ़ता है। पत्नी के मन में इस व्रत से पति के प्रति देवत्व का भाव जागता है। ऐसा माना जाता है कि इस व्रत से पति और पत्नी के बीच आदर और विश्वास की डोर मजबूत होती है।
क्या कुंवारी लड़कियां को व्रत रखना चाहिए?