मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक बेहद तीखा और भावुक पत्र लिखा है। शुजालपुर में मुख्यमंत्री के हालिया भाषण के बाद सामने आए इस पत्र में राजनीतिक मर्यादा, जनता की पीड़ा और प्रदेश के भविष्य को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

पत्र की शुरुआत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उन्होंने शुजालपुर (शाजापुर) में दिया गया मुख्यमंत्री का वक्तव्य सुना है। उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री की भाषा, समझ या व्यक्तिगत संस्कारों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। लोकतंत्र में हर किसी की अपनी शैली होती है, लेकिन जनता के प्रति जवाबदेही सबसे ऊपर है।
जीतू पटवारी ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि विपक्ष को कोसना या गाली देना सत्ता का अधिकार है, तो वे उसका पालन करते रहें। लेकिन एक सजग विपक्ष के नाते जनता के हक में सवाल पूछना उनका लोकतांत्रिक कर्तव्य है, जिसे वे पूरी विनम्रता और दृढ़ता के साथ निभाते रहेंगे। उन्होंने साफ किया कि उनके द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दे कोई व्यक्तिगत राजनीति नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की जनता का दर्द हैं।

हार और जीत के शाश्वत नियम का जिक्र करते हुए पटवारी ने ‘जिंदगी यही रीत है, हार के बाद ही जीत है’ की पंक्तियों के साथ आगामी राजनीतिक बदलाव का संकेत दिया। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ दावा किया कि साल 2028 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस पूर्ण रूप से वापसी करेगी और एक ऐसी सरकार देगी जो जनहित, जवाबदेही और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करेगी।
पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विशेष आग्रह किया कि वे अपने कार्यकाल के बचे हुए ढाई वर्षों में पूरी ईमानदारी से प्रदेश की सेवा करें। कर्ज, कमीशन और करप्शन के कल्चर को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाएं। उन्होंने मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि सत्ता हमेशा स्थिर नहीं रहती, लेकिन जनता की पीड़ा और इतिहास का न्याय हमेशा याद रखा जाता है।