मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के ग्वालियर पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ जोरदार स्वागत किया। स्वागत कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश में कलेक्टर से लेकर निचले स्तर तक के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और सरकार इस पूरे सिस्टम को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास के नाम पर खुली लूट मची हुई है और हर काम में “50 प्रतिशत कमीशनखोरी” की शिकायतें सामने आ रही हैं। जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफे की मांग भी की।
पीसीसी चीफ ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मध्यप्रदेश में प्रशासनिक भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र की विफलताओं की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम जनता परेशान है, लेकिन सरकार आंख मूंदे बैठी है।
SIR मामले को लेकर जीतू पटवारी ने भाजपा पर लोकतंत्र से छेड़छाड़ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। BLO मैनिपुलेशन को लेकर उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गई, तो कांग्रेस पार्टी FIR दर्ज कराएगी और सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
आउटसोर्स भर्तियों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि मौजूदा सरकार पूरी तरह आउटसोर्स सिस्टम पर चल रही है और इससे प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थायी रोजगार के बजाय अस्थायी और असुरक्षित व्यवस्थाएं थोपी जा रही हैं।
जीतू पटवारी ने ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी प्रदेश में ईमानदार अधिकारियों को सम्मानित करेगी। वहीं रिश्वतखोर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़क से सदन तक लड़ाई जारी रखेगी। ग्वालियर दौरे के दौरान जीतू पटवारी के बयान से प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।